छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। “संकल्प” थीम पर आधारित यह बजट समावेशी विकास, अवसंरचना विस्तार, कृषि सुदृढ़ीकरण और औद्योगिक वृद्धि पर केंद्रित है। प्रदेश सरकार का कहना है कि यह बजट नीतियों को परिणामों में बदलने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह बजट क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समावेशन और दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता करता है।
“संकल्प” का अर्थ है- समावेशी विकास, अवसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और पॉलिसी से परिणाम। इस बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास, रोजगार सृजन और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष बल दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है, “यह बजट छत्तीसगढ़ को विकास के अगले चरण में ले जाने का निर्णायक रोडमैप है। हम अब सीमित सुधारों के लिए नहीं, बल्कि व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कृषि से लेकर उद्योग और अधोसंरचना तक बड़े निवेश के माध्यम से हम राज्य को दो अंकों की विकास दर की ओर दृढ़ता से अग्रसर कर रहे हैं। हर क्षेत्र का संतुलित विकास, अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच और छत्तीसगढ़ को भारत के अग्रणी आर्थिक राज्यों में स्थापित करना हमारा स्पष्ट संकल्प है। यह बजट परिणाम देगा, गति देगा और राज्य की विकास यात्रा को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा।”
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि आदिवासी अंचलों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परिसरों में स्कूल, आईटीआई, छात्रावास और शिक्षक आवास की व्यवस्था होगी। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों के सशक्तिकरण के लिए प्रदेश सरकार ने कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जबिक निःशुल्क पंप योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये और पाम ऑयल खेती को बढ़ावा देने के लिए 150 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है। राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्षों में 437 लाख मीट्रिक टन धान खरीद की है। यह उल्लेखनीय पहल किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने की विष्णुदेव साय सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना प्रदेश सरकार की प्रमुख पहल है। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 8,200 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया गया है, जबकि महतारी सदन के लिए 75 करोड़ रुपये दिए गए हैं। महिला एवं सामाजिक कल्याण की अन्य योजनाओं में शामिल रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर बालिकाओं को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। बजट में 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ आवंटित किए हैं। किडनी मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 25 विकासखंडों में डायलिसिस केंद्र खोलने का फैसला किया है। साथ ही प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेजों का संचालन भी शुरू होगा।
अवसंरचना विकास प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पीडब्लूडी को 9,450 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री द्रुतगामी सड़क योजना के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 250 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इनके अलावा अन्य प्रमुख घोषणाओं में मुख्यमंत्री एआई मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये, पर्यटन विकास मिशन के 100 करोड़ रुपये, खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये, अवसंरचना मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये और स्टार्टअप एवं उद्यमिता मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए किया गया है।


