बजट 2026–27 को लेकर केंद्र सरकार का स्पष्ट संदेश है- 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य केवल संकल्प नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और निवेश के जरिए हासिल किया जाएगा। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बजट को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह देश के बुनियादी ढांचे, तकनीक, उद्योग, कृषि और युवाओं के भविष्य को एक साथ सशक्त करने वाला दस्तावेज है।
बजट में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा को ऐतिहासिक बताते हुए मंत्री ने कहा कि दिल्ली–वाराणसी–सिलिगुड़ी और मुंबई–पुणे जैसे मार्गों से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय को उन्होंने आर्थिक विकास की रीढ़ करार दिया।
युवाओं के लिए बजट में ऑरेंज इकोनॉमी और AVGC सेक्टर पर विशेष फोकस रखा गया है। एनीमेशन, गेमिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में 2030 तक 20 लाख रोजगार सृजन के लक्ष्य के साथ देशभर में स्किल लैब्स और कंटेंट क्रिएटर सुविधाओं की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इससे युवा प्रतिभाओं को वैश्विक अवसर मिलेंगे।
औद्योगिक विकास की बात करें तो बजट में तीन समर्पित केमिकल पार्क, 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर विनिर्माण योजना और 200 औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की घोषणा की गई है। यह कदम भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में भारत-VISTAAR जैसे AI-सक्षम प्लेटफॉर्म से किसानों को सटीक खेती अपनाने में मदद मिलेगी, वहीं SMEs और सूक्ष्म उद्यमों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत फंड को अतिरिक्त पूंजी से उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के अनुसार बजट 2026–27 समावेशी विकास, नवाचार और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है, जो आने वाले दशकों में भारत की आर्थिक और सामाजिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।


