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मत्स्य उद्योग को नई राहत, फिश फीड मिलरों को बिजली बिल पर 3 रुपये प्रति यूनिट तक अनुदान

यह वित्तीय सहायता केवल वास्तविक विद्युत खपत पर आधारित होगी, जिसमें फिक्स्ड चार्ज और अन्य अतिरिक्त शुल्क शामिल नहीं होंगे। राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अब तक कुल 53 फिश फीड मिल स्थापित किए जा चुके हैं और सभी को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

Published: 11:43am, 16 Dec 2025

बिहार राज्य में मत्स्य पालन किसानों की आय का प्रमुख स्रोत है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, बिहार मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, फिर भी बड़ी मात्रा में मछलियां आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आयात की जाती हैं। इस संदर्भ में, राज्य सरकार ने मत्स्य क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा ‘फिश फीड मिल विद्युत सहायता योजना’ को मंजूरी प्रदान की गई है।

डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य प्रभाग द्वारा यह योजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत अधिष्ठापित फिश फीड मिलों के लिए लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य फिश फीड उत्पादन की लागत को कम करना, स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण फीड की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा राज्य के मत्स्य किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाना है।

मासिक बिजली खपत के आधार पर मिलेगा अनुदान

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, 2 टन, 8 टन, 20 टन तथा 100 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाले फिश फीड मिलों को उनकी मासिक विद्युत खपत के आधार पर वित्तीय राहत प्रदान की जाएगी। योजना के तहत फिश फीड मिल संचालकों को 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से विद्युत अनुदान दिया जाएगा।

विशेष रूप से 100 टन प्रतिदिन उत्पादन क्षमता वाले फिश फीड मिलों के लिए अधिकतम 2 लाख रुपये प्रतिमाह तथा अधिकतम 24 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक विद्युत सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। यह सहायता केवल व्यावसायिक दर से आकलित बिजली बिल पर दी जाएगी, जिसमें फिक्स्ड चार्ज अथवा अन्य अतिरिक्त शुल्क शामिल नहीं होंगे।

राज्य में 53 फिश फीड मिलों को मिलेगा लाभ

वर्तमान में बिहार में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कुल 53 फिश फीड मिल स्थापित किए गए हैं। इन सभी फिश फीड मिल संचालकों को इस विद्युत सहायता योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में फिश फीड उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आंध्र प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से फीड पर निर्भरता कम होने की संभावना है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को आवेदन पत्र के साथ अपने फिश फीड मिल का फोटो तथा पासपोर्ट साइज फोटो संलग्न करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या एवं आईएफएससी कोड भी आवेदन में दर्ज करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद लाभार्थियों का चयन उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित चयन समिति द्वारा किया जाएगा।

31 दिसंबर तक करें आवेदन

फिश फीड मिल विद्युत सहायता योजना का लाभ लेने के इच्छुक लाभार्थी 31 दिसंबर तक विभागीय वेबसाइट fisheries.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर अथवा संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

YuvaSahakar Desk