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आलू बीज पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने के लिए बनास डेयरी और BBSSL के बीच हुआ समझौता

बनासकांठा जिले को “भारत का आलू कटोरा” कहा जाता है, वर्ष 2024-25 में जिले में 61,016 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 18.70 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ, जिसकी उत्पादकता 30.65 टन प्रति हेक्टेयर रही

Published: 12:19pm, 12 Nov 2025

भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) और बनासकांठा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (बनास डेयरी) के बीच सोमवार को अटल अक्षय ऊर्जा भवन, नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सहमतिपत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

इस साझेदारी का उद्देश्य आलू बीज पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करना और किसानों की आय में वृद्धि के लिए एक सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला विकसित करना है। इसके तहत दोनों संस्थाएं मिलकर वैज्ञानिक पद्धति से गुणवत्तापूर्ण आलू बीजों का उत्पादन करेंगी।

बनास डेयरी इस पहल के अंतर्गत अपनी उन्नत टिश्यू कल्चर और एयरोपोनिक तकनीक साझा करेगी, जो एक ऐसी बिना मिट्टी की पद्धति है जिसमें जड़े हवा में लटकी रहती है और समय-समय पर पोषक तत्वों से भरपूर घोल का छिड़काव किया जाता है। इससे रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज किसानों तक पहुंच सकेंगे। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक खेती, प्रशिक्षण, अनुबंध खेती और संगठित बाजार की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

बनास डेयरी के अध्यक्ष श्री शंकर चौधरी ने कहा कि “यह पहल सहकारिता की नींव को और मजबूत करेगी तथा किसानों को वैज्ञानिक विधियों से तैयार उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज आसानी से प्राप्त होंगे।”

बनासकांठा जिले को “भारत का आलू कटोरा” कहा जाता है। वर्ष 2024-25 में जिले में 61,016 हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 18.70 लाख टन आलू का उत्पादन हुआ, जिसकी उत्पादकता 30.65 टन प्रति हेक्टेयर रही। यह जिला गुजरात के कुल आलू उत्पादन का लगभग आधा योगदान देता है।

BBSSL एक सहकारी संस्था है जिसे केंद्र सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन, क्रय और वितरण के लिए स्थापित किया गया है। यह समझौता “सहकार से समृद्धि” की भावना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Diksha