फ्रांस 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर व्यापक प्रतिबंध को मंजूरी देने वाला यूरोपीय संघ का पहला देश बन गया है। बच्चों को अत्यधिक स्क्रीन टाइम, साइबर बुलिंग, हानिकारक सामग्री और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाने के उद्देश्य से फ्रांसीसी संसद ने इससे संबंधित कानून पारित कर दिया है।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के मजबूत समर्थन वाले इस कानून को सीनेट की मंजूरी के बाद नेशनल असेंबली ने 81 के मुकाबले 279 मतों से पारित किया। मैक्रों ने इसे बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इस मामले में फ्रांस यूरोप का नेतृत्व कर रहा है।
कानून के तहत 1 सितंबर 2026 से 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नए अकाउंट नहीं बना सकेंगे। पहले से मौजूद ऐसे अकाउंटों को 1 जनवरी 2027 से बंद किया जाएगा। सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ताओं की उम्र सत्यापित करने के लिए प्रभावी तकनीकी व्यवस्था लागू करनी होगी। नियमों के पालन की जिम्मेदारी बच्चों या अभिभावकों के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म की होगी।
शैक्षणिक वेबसाइटों, ऑनलाइन विश्वकोशों, वैज्ञानिक प्लेटफॉर्म और कुछ मुक्त-स्रोत सेवाओं को प्रतिबंध से छूट दी गई है। सरकार का कहना है कि उम्र सत्यापन के दौरान उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी को सुरक्षित रखा जाएगा।
फ्रांस की स्वास्थ्य एजेंसियां सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से किशोरों में तनाव, अवसाद, आत्मसम्मान में कमी और हानिकारक सामग्री के संपर्क में आने की आशंका जता चुकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस में 12 से 17 वर्ष के लगभग 90 प्रतिशत किशोर प्रतिदिन स्मार्टफोन से इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि कानून को लागू करने से पहले संवैधानिक समीक्षा और यूरोपीय संघ के डिजिटल सर्विसेज एक्ट के साथ इसकी अनुकूलता की जांच की जाएगी। इससे पहले यूरोपीय आयोग ने विधेयक के प्रारंभिक स्वरूप पर कुछ कानूनी आपत्तियां जताई थीं, जिसके बाद इसमें संशोधन किया गया।


