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सुमुल डेयरी, NDDB और सुजुकी के बीच त्रिपक्षीय समझौता

इस समझौते पर हस्ताक्षर एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह, सुजुकी आरएंडडी सेंटर इंडिया के निदेशक केनिचिरो टोयोफुकु, सुमुल के कस्टोडियन एच. आर. पटेल और सुमुल डेयरी के प्रबंध निदेशक सीए अरुण पुरोहित की उपस्थिति में किए गए

Published: 14:55pm, 17 Dec 2025

स्वच्छ ऊर्जा और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सुमुल डेयरी ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और सुजुकी आरएंडडी सेंटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत 75 मीट्रिक टन प्रतिदिन (MTPD) क्षमता का गोबर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया जाएगा।

इस समझौते पर हस्ताक्षर एनडीडीबी के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह, सुजुकी आरएंडडी सेंटर इंडिया के निदेशक केनिचिरो टोयोफुकु, सुमुल के कस्टोडियन एच. आर. पटेल और सुमुल डेयरी के प्रबंध निदेशक सीए अरुण पुरोहित की उपस्थिति में किए गए।

यह परियोजना एनडीडीबी के मार्गदर्शन में लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य डेयरी क्षेत्र में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित सीबीजी प्लांट में पशुओं के गोबर से स्वच्छ बायोगैस का उत्पादन किया जाएगा, साथ ही पोषक तत्वों से भरपूर जैविक उर्वरक भी तैयार किए जाएंगे।

इस पहल से मिट्टी की सेहत में सुधार, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता में कमी, डेयरी किसानों की अतिरिक्त आय और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह परियोजना भारत के कार्बन न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

गौरतलब है कि सुमुल डेयरी पहले ही 6,543 पारिवारिक बायोगैस संयंत्र, सामुदायिक और फार्म स्तर के बायोगैस यूनिट्स स्थापित कर चुकी है, जो नवीकरणीय ऊर्जा और किसान सशक्तिकरण के प्रति उसकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Diksha