Trending News

झारखंड JPSC परीक्षा मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, रांची और लखनऊ से 5 गिरफ्तार, अब तक कुल 19 अरेस्ट हुए यूपी के प्रतापगढ़ में बारिश के दौरान गिरा जर्जर मकान, हादसे में 6 लोगों की मौत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं होने पर अब नहीं मिलेगा पेट्रोल पीवी सिंधु को BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में 9वीं रैंकिंग मिली आज वर्क फ्रॉम होम करें, भारी बारिश के चलते गुरुग्राम पुलिस ने जारी की एडवाइजरी झारखंड JPSC परीक्षा मामले में CID की बड़ी कार्रवाई, रांची और लखनऊ से 5 गिरफ्तार, अब तक कुल 19 अरेस्ट हुए यूपी के प्रतापगढ़ में बारिश के दौरान गिरा जर्जर मकान, हादसे में 6 लोगों की मौत थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस नहीं होने पर अब नहीं मिलेगा पेट्रोल पीवी सिंधु को BWF वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में 9वीं रैंकिंग मिली आज वर्क फ्रॉम होम करें, भारी बारिश के चलते गुरुग्राम पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

NDDB, बनास डेयरी, सुजुकी के बीच त्रिपक्षीय समझौता

इस अवसर पर गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष एवं बनास मिल्क यूनियन के चेयरमैन शंकर चौधरी, गुजरात सरकार के कृषि मंत्री जीतू वाघानी सहित डेयरी, सहकारिता और ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

Published: 12:43pm, 21 Jan 2026

गुजरात के बनासकांठा जिले में 75 मीट्रिक टन प्रतिदिन (MTPD) क्षमता का गोबर आधारित बायोगैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB), बनास मिल्क यूनियन (बनास डेयरी) और सुजुकी रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता बनासकांठा के बुखाला गांव में 100 MTPD कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट के उद्घाटन के अवसर पर किया गया, जिसका उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। यह कार्यक्रम सहकारी क्षेत्र के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समझौते पर बनास मिल्क यूनियन के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी, सुजुकी आर एंड डी सेंटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक केनिचिरो टोयोफुकु और एनडीडीबी के ग्रुप हेड (ईएस) शशिकुमार बी.एन. ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष एवं बनास मिल्क यूनियन के चेयरमैन शंकर चौधरी, गुजरात सरकार के कृषि मंत्री जीतू वाघानी सहित डेयरी, सहकारिता और ऊर्जा क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रस्तावित बायोगैस संयंत्र में सहकारी डेयरी नेटवर्क से प्राप्त गोबर का उपयोग किया जाएगा, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद का उत्पादन होगा। इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने, अपशिष्ट प्रबंधन मजबूत होने और डेयरी किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

यह पहल सतत विकास और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की एनडीडीबी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एनडीडीबी देशभर की सहकारी दुग्ध संघों के साथ मिलकर तकनीकी सहयोग और परामर्श सेवाओं के माध्यम से बायोगैस परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है, जिससे किसान आय वृद्धि, कचरे के प्रभावी उपयोग और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल सके।

Diksha