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RBI ने मऊ जिला सहकारी बैंक पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना केवल नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के आधार पर लगाया गया है और इसका बैंक द्वारा किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता से कोई संबंध नहीं है

Published: 16:31pm, 06 Jan 2026

भारतीय रिजर्व बैंक  ने केवाईसी से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ पर 2 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 को जारी आदेश के माध्यम से की गई।

आरबीआई ने यह जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 47A(1)(c) के तहत, धारा 46(4)(i) तथा 56 के साथ प्राप्त हुए अधिकारों का प्रयोग करते हुए लगाया है।

यह कदम नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) द्वारा किए गए वैधानिक निरीक्षण के बाद उठाया गया। यह निरीक्षण बैंक की 31 मार्च 2024 की वित्तीय स्थिति के संदर्भ में किया गया था।

निरीक्षण के दौरान सामने आई पर्यवेक्षणीय खामियों के आधार पर आरबीआई ने पाया कि बैंक कम से कम हर छह महीने में खातों के जोखिम वर्गीकरण की आवधिक समीक्षा के लिए कोई प्रभावी प्रणाली स्थापित करने में विफल रहा। इसके अलावा, बैंक अपने ग्राहकों के केवाईसी का समय-समय पर अद्यतन (Periodic Updation) करने में भी असफल पाया गया।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना केवल नियामकीय अनुपालन में पाई गई कमियों के आधार पर लगाया गया है और इसका बैंक द्वारा किए गए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता से कोई संबंध नहीं है।

Diksha

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