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कोलंबो में आज से शुरू हुई पांच दिवसीय आईसीए-एपी की 17वीं क्षेत्रीय असेंबली, सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल

सम्मेलन की थीम "सहकारिताएं एक बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं: लचीलापन को मजबूत करना, निवेश को बनाए रखना और स्मार्ट” निर्धारित की गई है

Published: 11:48am, 24 Nov 2025

श्रीलंका में आईसीए-एपी क्षेत्रीय असेंबली का आयोजन कोलंबो में 24 से 28 नवंबर 2025 तक किया जा रहा है। यह 17वीं क्षेत्रीय असेंबली है, जिसकी मेजबानी श्रीलंका की राष्ट्रीय सहकारी समितियां (NCCSL) कर रही है। सम्मेलन की थीम “सहकारिताएं एक बेहतर विश्व का निर्माण करती हैं: लचीलापन को मजबूत करना, निवेश को बनाए रखना और स्मार्ट” निर्धारित की गई है। यह जानकारी इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस के एशिया प्रशांत के चेयरमैन डॉक्टर चंद्रपाल सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस वैश्विक संस्था के सम्मेलन में नए क्षेत्रीय बोर्ड के चुनाव भी होंगे और यह सहकारिता की अंतर्राष्ट्रीय वर्ष (2025) को चिह्नित करने के लिए भी आयोजित किया जा रहा है। 12वां एशिया-प्रशांत सहकारी फोरम होगा। इस दौरान विभिन्न विषयगत संगोष्ठियां और कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा।

इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (आईसीए)-एशिया और प्रशांत का सर्वोच्च प्राधिकरण है। श्रीलंका की राष्ट्रीय सहकारी परिषद (एनसीसीएसएल) देश के व्यापक सहकारी आंदोलन के सहयोग से इस कार्यक्रम की मेजबानी कर रही है। इस क्षेत्रीय द्विवार्षिक बैठक में सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

क्षेत्रीय सभा एक केंद्रीय नीति-निर्माण और प्रतिनिधि निकाय है। यह सभी सदस्यों को एक साथ लाता है। उन्हें सहकारी समितियों के विकास से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा करने के साथ-साथ पारस्परिक लाभ के लिए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय गठबंधन बनाने का अवसर प्रदान करता है।

यह मुद्दों पर आम सहमति बनाकर और सभी सदस्यों की संतुष्टि के लिए चर्चा के बाद एजेंडा पारित करके सहकारी समितियों की लोकतांत्रिक शासन प्रक्रिया को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
श्रीलंका का सहकारी विकास का एक लंबा और समृद्ध इतिहास है, जिसमें 1904 में पहली सहकारी समिति की स्थापना हुई थी। आज, देश 15,000 से अधिक सहकारी समितियॉ हैं। जो 8 मिलियन से अधिक सदस्यों को सेवाएँ प्रदान करता है। तक़रीबन 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है।

ये सहकारी समितियां कृषि, मत्स्य पालन, युवा और महिला सशक्तिकरण, विपणन, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त सहित क्षेत्रों की एक विस्तृत श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो देश भर में समावेशी और सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

YuvaSahakar Desk