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भारी तबाही मचाकर गुजरा चक्रवात मोन्था, कई राज्यों में फसलों को पहुँचा भारी नुकसान

जिससे करीब 43,000 हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गईं। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं

Published: 13:00pm, 03 Nov 2025

आंध्र प्रदेश में कहर बरपाने वाला भीषण चक्रवाती तूफान मोन्था अब बीते दिनों की बात बन चुका है, लेकिन इसके निशान अब भी जेहन पर बाकी हैं। यह तूफान 28 अक्टूबर को मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच से गुजरा था। उस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच गई थी।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक मोन्था 29 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराया था। इसके प्रभाव से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश हुई थी, जिससे करीब 43,000 हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गईं। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

NDRF ने तूफान के मद्देनजर कुल 26 टीमें तैनात की थीं – जिनमें 12 आंध्र प्रदेश में, 6 ओडिशा में और 3 उत्तरी तमिलनाडु में सक्रिय रहीं। साथ ही छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी एहतियातन बलों को तैनात किया गया था।

मोन्था चक्रवात का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश में ही नही बल्कि उड़ीसा, तमिलनाडु व पश्मिम बंगाल के हिस्सों में देखने को मिला। इस चक्रवात के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा।

अंत में एक ही बात ध्यान में आती है कि- मौसम के बदलते हुए रुप, बिगाड़ देते है किसानों का स्वरुप।

Diksha

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