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वजन घटाने की दवा बेचने पर वेदास क्योर को 10,000 रुपये का जुर्माना

सुरेखा ने दवा लेने के बाद सिरदर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत की। पैकेट पर दवाओं की सामग्री का कोई विवरण नहीं था और न ही पैकेट सील था। एक महीने तक दवा खाने के बावजूद वजन में कोई कमी नहीं आई।

Published: 11:45am, 17 Sep 2025

गाजियाबाद डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रेड्रेसल कमीशन ने नोएडा की कंपनी वेदास क्योर प्राइवेट लिमिटेड को झूठे वजन घटाने के दावों के मामले में दोषी करार देते हुए जुर्माना लगाया है। आयोग ने कंपनी को 10,000 रुपये का हर्जाना और 2,400 रुपये दवा की कीमत उपभोक्ता को लौटाने का आदेश दिया है। यानी कुल 12,400 रुपये 45 दिनों के भीतर चुकाने होंगे। तय समय पर राशि न देने पर कंपनी को 6% सालाना ब्याज भी देना होगा।

तीन साल पुरानी शिकायत का निपटारा

कौशांबी निवासी नीरज कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी सुरेखा ने 19 सितंबर 2022 को आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। दंपति ने सोशल मीडिया पर कंपनी का विज्ञापन देखकर 2,400 रुपये की आयुर्वेदिक दवा खरीदी थी। विज्ञापन में दावा किया गया था कि 30 दिन में 5 किलो वजन कम हो जाएगा।

दवा से साइड इफेक्ट, वजन में कोई बदलाव नहीं

सुरेखा ने दवा लेने के बाद सिरदर्द और ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत की। पैकेट पर दवाओं की सामग्री का कोई विवरण नहीं था और न ही पैकेट सील था। एक महीने तक दवा खाने के बावजूद वजन में कोई कमी नहीं आई।

कंपनी की दलील खारिज

कंपनी ने आयोग में कहा कि उनकी दवाएं लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं से बनती हैं और उनके खिलाफ चिकित्सकीय लापरवाही का कोई सबूत नहीं है। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और देहरादून उपभोक्ता आयोग के कुछ फैसलों का हवाला भी दिया। लेकिन गाजियाबाद आयोग ने इसे खारिज कर दिया और माना कि यह मामला झूठे विज्ञापनों और गलत दावों का है।

आयोग का फैसला

आयोग ने पाया कि कंपनी के दावे झूठे थे और दवा के कारण उपभोक्ता को साइड इफेक्ट भी हुए। यह उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेवा में कमी का मामला है। इसलिए कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा और दवा की रकम लौटाने का आदेश दिया गया।

Diksha