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उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए बड़ी पहल: ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ योजना से बढ़ी पैदावार और आय

ड्रिप, मिनी और माइक्रो स्प्रिंकलर पर लघु एवं सीमांत किसानों को 90% और अन्य किसानों को 80% तक अनुदान।

Published: 15:01pm, 11 Sep 2025

उत्तर प्रदेश में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर ‘पर ड्रॉप, मोर क्रॉप’ योजना चला रही हैं। इस योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल किसानों की फसल की पैदावार बढ़ रही है, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

50% तक उपज में इजाफा

कृषि विभाग के अनुसार, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाने वाले किसानों की बागवानी फसलों की उपज में औसतन 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। गन्ने जैसी नकदी फसलों में भी इसी तरह के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 82,000 से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं और वित्त वर्ष 2024-25 में 1.02 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में यह तकनीक उपयोग में लाई जा रही है।

 जल संरक्षण में मददगार

आज के समय में पानी की बचत सबसे बड़ी चुनौती है। पारंपरिक सिंचाई विधियों में पानी का काफी हिस्सा व्यर्थ चला जाता है। लेकिन इस योजना में पानी की बूंद-बूंद सिंचाई से 40 से 50 प्रतिशत तक पानी की बचत हो रही है। यह तकनीक पौधों की जड़ों तक पानी पहुंचाती है, जिससे कम पानी में अधिक उपज संभव हो रही है।

सरकार का भारी अनुदान

किसानों को योजना का लाभ आसानी से दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा अनुदान तय किया है।

  •  ड्रिप, मिनी और माइक्रो स्प्रिंकलर पर लघु एवं सीमांत किसानों को 90% और अन्य किसानों को 80% तक अनुदान।
  •  पोर्टेबल, सेमी-परमानेंट और रेनगन स्प्रिंकलर पर लघु एवं सीमांत किसानों को 75% और अन्य किसानों को 65% तक अनुदान दिया जा रहा है।

कौन ले सकता है लाभ?

इस योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों के पास सिंचाई हेतु पानी का स्रोत होना जरूरी है। इसके साथ ही संविदा खेती (कॉन्ट्रेक्ट फर्मिंग) करने वाले किसान भी योजना के पात्र हैं, बशर्ते उनके पास कम से कम सात साल का लीज एग्रीमेंट हो। इसका लाभ उन किसानों को भी मिलेगा जो किराए की जमीन पर खेती कर रहे हैं।

Diksha