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NAFCUB की 49वीं AGM में “कॉपकुंभ 2025” और NCUFDC को मजबूती देने पर जोर

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी कॉपकुंभ 2025 का आयोजन 8-9 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस मेगा कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में होने की संभावना है।

Published: 13:12pm, 02 Sep 2025

नई दिल्ली में आयोजित शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के शीर्ष निकाय नेफकॉब (NAFCUB) की 49वीं वार्षिक आम सभा (AGM) सहकारी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। इस अवसर पर न केवल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “कॉपकुंभ 2025” पर चर्चा हुई, बल्कि राष्ट्रीय शहरी सहकारी वित्त एवं विकास निगम (NUCFDC) की भूमिका और महत्व पर भी जोर दिया गया।

सभा में देशभर के शहरी सहकारी बैंकों और ऋण समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी कॉपकुंभ 2025 का आयोजन 8-9 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस मेगा कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में होने की संभावना है।

NAFCUB के अध्यक्ष लक्ष्मी दास ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधार लागू किए गए हैं और यूसीबी की लंबित माँगों को आरबीआई ने काफी हद तक पूरा किया है। उन्होंने बैंकों से तकनीकी रूप से मजबूत और तेज सिस्टम अपनाने की अपील की ताकि आरबीआई से आने वाले प्रश्नों का त्वरित उत्तर दिया जा सके। साथ ही, उन्होंने सभी बैंकों से NCUFDC का सदस्य बनने और “कॉपकुंभ 2025” में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

सभा में NAFCUB के मानद अध्यक्ष व वरिष्ठ सहकारी नेता एच.के. पाटिल ने NCUFDC को और मजबूत करने पर बल दिया और बैंकों से इसकी इक्विटी तुरंत खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में शहरी सहकारी बैंकों में बड़े बदलाव आए हैं और अब आरबीआई का रुख भी सहयोगात्मक हो गया है।

इसी कड़ी में, NCUFDC के अध्यक्ष ज्योतिंद्र मेहता ने संगठन के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि यह संस्था छोटे राज्यों जैसे मणिपुर, सिक्किम और मिजोरम के सहकारी बैंकों को मजबूती देगी और उन्हें सरस्वत बैंक व कॉसमॉस बैंक जैसी संस्थाओं के स्तर तक पहुँचने में मदद करेगी।

मेहता ने बताया कि अगस्त 2025 तक NCUFDC ने 324 यूसीबी और अन्य संस्थाओं से कुल ₹277.71 करोड़ जुटाए हैं, जिसमें सरस्वत बैंक ने ₹43 करोड़ का योगदान किया है। महाराष्ट्र और गुजरात सबसे बड़े शेयरधारक राज्य बने हुए हैं।

NCUFDC के सीईओ प्रभात चतुर्वेदी ने सभा में संगठन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि NCUFDC 80% यूसीबी और 20% भारत सरकार की साझेदारी में बना है तथा इसे आरबीआई और सहकारिता मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है। इसका उद्देश्य पूंजी सहयोग, पुनर्वित्त, तरलता सहायता के साथ-साथ आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, प्रशिक्षण, मानव संसाधन प्रबंधन और परामर्श जैसी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

अब तक सहकार CBS, UPI स्विच, लोन ओरिजिनेशन सिस्टम, बैंक स्टेटमेंट एनालाइजर जैसे डिजिटल समाधान लॉन्च किए जा चुके हैं। साथ ही सहकार पाठशाला जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी सराहना मिल रही है।

मेहता ने दावा किया कि इससे सहकारी बैंकों की आईटी लागत 50% तक कम होगी, मोबाइल बैंकिंग स्थानीय भाषाओं में संभव होगी, पेपरलेस लोन प्रोसेसिंग और साइबर सुरक्षा मजबूत होगी।

एजीएम का समापन उत्साह और आशा के साथ हुआ, जिसमें हितधारकों ने विश्वास जताया कि कॉपकुंभ 2025 सहकारी ऋण क्षेत्र को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान और मजबूती प्रदान करेगा।

Diksha