सहकारी चुनाव प्राधिकरण (CEA) ने 11अगस्त को राजधानी में राज्य सहकारी चुनाव प्राधिकरणों के साथ अपनी पहली परामर्शदात्री बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य राज्य स्तर पर चुनाव आयोगों के साथ संवाद का स्थायी तंत्र विकसित करना और सहकारी निकायों में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना था।
बैठक की अध्यक्षता CEA के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह ने की। इसमें ओडिशा, बिहार, तमिलनाडु, तेलंगाना और महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयुक्तों के साथ-साथ सहकारिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद कुमार झा, CEA के उपाध्यक्ष आर. के. गुप्ता और सहकारिता लोकपाल आलोक अग्रवाल शामिल हुए।
देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिनमें CEA की स्थापना भी शामिल है। मार्च 2024 से अब तक CEA ने 159 चुनाव संपन्न कराए हैं और 69 अन्य चुनाव की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने बताया कि CEA को बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम, 2002 की धारा 45 और इसके 2023 संशोधन के तहत केंद्र सरकार की शक्तियों का उपयोग करते हुए 11 मार्च 2024 को अधिसूचित किया गया था। सिंह ने कहा कि 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस अवसर पर चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में सहकारी चुनावों के लिए मानक नियमावली और आचार संहिता बनाने, उम्मीदवारों के खर्च की सीमा तय करने, निर्वाचन अधिकारियों के लिए पुस्तिका तैयार करने, राष्ट्रीय सहकारी समितियों में प्रतिनिधियों के चुनाव और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के उपयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही, सदस्यों की शेयर पूंजी, प्रत्याशियों के चुनाव चिन्ह और अमिट स्याही के प्रयोग जैसे विषयों पर भी राज्यों से सुझाव मांगे गए।
CEA ने निर्णय लिया कि सहकारी चुनाव सुधार प्रक्रिया को गति देने के लिए हर तीन महीने में परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।


