आज बिजनेस टुडे के BT India@100 समिट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिरकत की और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों का दो-टूक जवाब दिया। इथेनॉल ब्लेंडिंग के मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा कि इससे न तो वाहनों को कोई नुकसान नही हुआ है। जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, वो पेट्रोलियम लॉबी की साजिश हैं।
क्या इथेनॉल से घट रही है माइलेज?
जब गडकरी से पूछा गया कि इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से वाहनों की माइलेज गिर रही है, जिससे आम आदमी खासतौर पर मध्यम वर्ग परेशान है – तो उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई प्रमाणिक डेटा नहीं है जो इसे साबित करे।
हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि इथेनॉल की कैलोरिफिक वैल्यू पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है, जिससे माइलेज पर थोड़ा असर पड़ सकता है। लेकिन यह फर्क बहुत मामूली है और ट्रायल्स के बाद ही इसके मानक तय किए जाएंगे।
इथेनॉल से नहीं हुआ कोई नुकसान
गडकरी ने बताया कि 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) और Automotive Research Association of India (ARAI) ने भी यह स्पष्ट किया है कि इससे किसी वाहन में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं आई है। देशभर में अब तक किसी गाड़ी में कोई गंभीर समस्या सामने नही आई हैं।
किसानों को हो रहा फायदा
गडकरी ने इस नीति के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर बात करते हुए कहा कि इथेनॉल उत्पादन से मक्का, गन्ना और अन्य फसलों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं। खासतौर पर मक्का की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिसका सीधा लाभ देश के किसानों को मिला है।
उन्होंने कहा, “भारत को फ्यूल आयात करने वाला नहीं, ऊर्जा निर्यात करने वाला देश बनना है।” इथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण स्तर भी घटेगा।
350 इथेनॉल पेट्रोल पंप देश में शुरू
गडकरी ने जानकारी दी कि देश में इंडियन ऑयल ने अब तक 350 पेट्रोल पंप ऐसे खोले हैं जहां इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध है।
अंतिम निर्णय पेट्रोलियम मंत्रालय के पास
उन्होंने कहा कि इथेनॉल ब्लेंडिंग का प्रतिशत फिलहाल फिक्स नहीं है, और यह ट्रायल के आधार पर तय किया जाएगा। अंतिम प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजा जाता है और वहीं से इसकी स्वीकृति मिलती है।


