झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत वर्ष 2024 की झारखंड कर्मचारी चयन आयोग संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा रद्द की गई थी। न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने सरकार के फैसले को अनुचित और अन्यायपूर्ण करार देते हुए सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी।
राज्य सरकार ने 18 अगस्त को कथित प्रश्नपत्र लीक और बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के आधार पर परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद परीक्षा में सफल कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। उनका कहना था कि परीक्षा रद्द करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया और कथित गड़बड़ियों के लिए सभी सफल उम्मीदवारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े साक्ष्य सामने आए थे। इसी आधार पर पूरी परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने सरकार के तर्कों को स्वीकार नहीं किया और 18 अगस्त की अधिसूचना को रद्द कर दिया।
इस फैसले से उन हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जिनकी नियुक्ति की उम्मीदें परीक्षा रद्द होने के बाद प्रभावित हुई थीं। राज्य सरकार ने इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर कई परीक्षाएं रद्द की थीं और अन्य मामलों में जांच के आदेश दिए थे।


