वर्ष 2025 में देश के नौ अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (AIIMS) से कुल 186 पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। यह आंकड़े दिल्ली, जोधपुर, ऋषिकेश, रायपुर, पटना, गोरखपुर, कल्याणी, बीबीनगर और नागपुर स्थित AIIMS से प्राप्त आरटीआई जवाबों पर आधारित हैं।
इन संस्थानों में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों की संख्या अलग-अलग रही। हालांकि, सभी संस्थानों के आंकड़ों की सीधे तुलना करना आसान नहीं है, क्योंकि कुछ AIIMS ने केवल जनवरी और जुलाई 2025 बैच से जुड़े छात्रों की जानकारी साझा की है, जबकि अन्य संस्थानों ने व्यापक वार्षिक आंकड़े दिए हैं।
AIIMS दिल्ली में 2025 के दौरान सबसे अधिक 267 जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने जॉइन किया। इनमें से 34 ने संस्थान छोड़ दिया। वहीं AIIMS ऋषिकेश में पोस्टग्रेजुएट और अन्य मेडिकल कार्यक्रमों में कुल 233 छात्रों ने प्रवेश लिया, जिनमें से 30 छात्रों ने वर्ष के दौरान पढ़ाई छोड़ दी। AIIMS रायपुर में जनवरी और जुलाई 2025 बैचों में कुल 155 छात्रों ने जॉइन किया। इनमें से 19 छात्रों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी।
आरटीआई से सामने आए ये आंकड़े मेडिकल शिक्षा संस्थानों में छात्र प्रतिधारण से जुड़े सवाल खड़े करते हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी में छात्रों के संस्थान छोड़ने के कारणों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रों ने व्यक्तिगत, शैक्षणिक, कार्यभार, स्थानांतरण या अन्य कारणों से पढ़ाई छोड़ी। आंकड़े यह जरूर संकेत देते हैं कि देश के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में पीजी स्तर पर छात्रों के बीच ड्रॉपआउट की स्थिति पर संस्थागत स्तर पर अधिक अध्ययन और समीक्षा की जरूरत है।


