जालंधर। मौजूदा और पांच बार का चैंपियन भारत ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में मलेशिया को भी रविवार को हरा पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी 2026 में जीत के ‘चौके’ के साथ शीर्ष पर बरकरार रहने के मकसद से उतरेगा। दोनों टीमें अपने शुरू के तीनों मैच जीत समान रूप से नौ नौ अंकों के साथ सेमीफाइनल में स्थान पक्का कर चुकी हैं। अपने बेहतर गोल अंतर के चलते भारत अंक तालिका में शीर्ष पर है। भारत ने जापान के खिलाफ हाफ टाइम तक एक एक की बराबरी के बाद जिस तरह चौथे व आखिरी क्वॉर्टर में तीन गोल कर 4-1 से जीत दर्ज की उससे उसे बेशक अब मलेशिया पर ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में एक बार फिर विजय पाने का हौसला मिलेगा लेकिन उसके खिलाफ फिर पूरी तरह चौकस रहना होगा।
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल से भारत ने नगोया (जापान) में मलेशिया को फाइनल में 5-1 से हरा कर पहली बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक बरकरार रख सीधे 2028 ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया। भारत बेशक अजेय रह कर अब हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी और चीफ कोच क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में लगातार तीसरी बार और कुल छठी बार पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने को बेताब है। भारत रविवार को मलेशिया को चौथे राउंड रॉबिन लीग मैच जीत के साथ उसके खिलाफ अपनी श्रेष्ठता बरकरार रखना चाहेगा। भारत को मलेशिया पर जीत दर्ज करनी है तो उसके स्ट्राइकर अभिषेक, सुखजीत, दिलप्रीत व शिलानंद लाकरा को गोल करने के मौके भुनाने ही होंगे। पेनल्टी कॉर्नर रशर अमित रोहिदास के साथ फुलबैक कप्तान हरमनप्रीत सिंह व जुगराज सिंह को चौकस रहना होगा।
जापान के खिलाफ मैच में बतौर फुलबैक सबसे ज्यादा मुस्तैद जुगराज सिंह ही दिखे। भारत उनसे मलेशिया के खिलाफ भी ऐसी ही मुस्तैदी की आस करेगा। मलेशिया की टीम तेज रफ्तार हॉकी खेलती है। भारत को मलेशिया के लिए सबसे ज्यादा गोल करने वाले स्ट्राइकर अबू कमल अजरई, फैजल सारी व शैलो सिल्वारियस को अपनी डी के बाहर रोकना होगा। साथ ही उसके ड्रैग फ्लिकर अखिमुल्लाह अनुर के ड्रैग फ्लिक पर अभी भी टीम की कमजोर कड़ी दोनों गोलरक्षक सूरज करकेरा व कृष्ण बहादुर पाठक कसौटी पर होंगेँ।
भारतीय पुरुष हॉकी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी अब बेशक सबसे प्रतिभाशाली अभिषेक नैन, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह के साथ विष्णुकांत सिंह, ड्रैग फ्लिकर अमनदीप लाकरा जैसे नौजवान आक्रामक सेंटर हाफ पर है। अंगद बीर सिंह को एशियाई चैंपियंस के लिए टीम में शामिल जरूर किया गया है लेकिन वह बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंच में जिस तरह बगले झांकते नजर आए उससे साफ दिखा कि वह इसके लिए अभी तैयार नहीं है। अरिजित सिंह हुंदल और उत्तम सिंह जैसे खिलाड़ियों को अभी भी क्यों भारतीय टीम ने बाहर रखा है, इसका जवाब तो चीफ कोच क्रेग फुल्टन ही दे सकते हैं।
भारत के खिलाफ जापान ने अपने दो स्ट्राइकर बराबर उसकी डी में तैनात कर उस पर शुरू, दूसरे व तीसरे हाफ में दबाव बनाया। उसका बेशक मलेशिया भी अनुसरण कर सकता है। उम्मीद है कि इसकी काट भारत के चीफ कोच फुल्टन के जेहन में जरूर होगी। भारत के मलेशिया के खिलाफ मैच में अपनी टीम में बहुत फेरबदल की गुंजाइश नहीं दिखती है। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि मौजूदा एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में उसके लिए कप्तान ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह ने अब तक तीन मैचों में सबसे ज्यादा पांच, स्ट्राइकर अभिषेक नैन और मंदीप सिंह ने दो दो मैचों में तीन तीन तथा तीन तीन मैचों में सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह के साथ आक्रामक सेंटर हाफ हार्दिक सिंह और ड्रैग फ्लिकर जुगराज सिंह ने दो दो, शिलानंद लाकरा, नीलकांत शर्मा, नवोदित विष्णुकांत सिंह ने एक एक गोल किया है। भारत ने अब तक तीन मैचों में कुल सबसे ज्यादा 22 गोल किए और मात्र तीन गोल खाए है। वहीं मलेशिया के लिए स्ट्राइकर कमल अजराई ने चार, ड्रैग फ्लिकर अखिमुल्लाह अनुर, अजिमुद्दीन कमरुद्दीन ने तीन तीन, फैजल सारी ने दो, शैलो सिल्वारियूस, आइमन रॉजमी ने एक एक गोल किया। मलेशिया ने तीन मैचों में 14 गोल किए और छह गोल खाए।
बूढ़े शेरों के सामने ओलंपिक तक फिट रहने की चुनौती
एशियाई खेलों में सुनहरी कामयाबी के बाद भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए बूढ़े शेरों को विदा कर नई टीम तैयार करने के क्रम में ही यहां अब तक शुरू के तीन मैचों में बराबर खिलाड़ियों को रोटेट करने का सिलसिला शुरू भी कर दिया। भारतीय टीम के बूढ़े शेर खासतौर पर पंजाब के बुढ़ाते खिलाड़ी हालांकि अभी इस बात से इनकार करते हैं कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी उनका विदाई टूर्नामेंट हो सकता है। हकीकत से वाकिफ होने के बावजूद जानबूझकर इससे इनकार करते हैं। अनुभवी नीलकांत शर्मा का भारत की चीन के खिलाफ जीत के बाद अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कहने की घोषणा इसकी पहली कड़ी है। मणिपुर के 31 बस के नीलकांत शर्मा ने दीवार पर लिखी इबारत पढ़ ली लेकिन मंदीप सिंह, मनप्रीत सिंह, जर्मनप्रीत सिंह, गोलरक्षक कृष्ण बहादुर पाठक, फुलबैक अमित रोहिदास जैसे एक दौर के बेहतरीन खिलाड़ियों को मान लेना चाहिए कि अब उन पर उम्र हावी हो रही है और उनके सामने 2028 के ओलंपिक के बड़े मंच के लिए खुद को मैच फिट बनाए रखना बेहद मुश्किल चुनौती है।
खिलाड़ियों को रोटेट कर रहे हैं क्योंकि बहुत मैच खेलने हैं : हरमनप्रीत सिंह
भारत के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, ‘हमने जापान के खिलाफ मैच में आखिर तक अपनी योजना पर काबिज रहने की बात की थी। हमें बेशक जापान के खिलाफ बहुत पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिले। दरअसल जापान के खिलाफ मैच आपके धैर्य की परीक्षा थी और इस तरह के मैच में यही अहम होता है कि आप कितना धैर्य धरे रहते हैं। हम गेंद अपने कब्जे में रख रहे थे और हम जानते थे कि हम गोल मिलेंगे और हमने आखिरी क्वॉर्टर में गोल किए भी। हम जापान की डी में पहुंचने का अच्छा नतीजा मिला। शुरू के तीन क्वॉर्टर हमारे लिए बहुत अच्छे नहीं आखिरी के क्वॉर्टर में आखिर तक बस आक्रमण, आक्रमण की रणनीति कारगर रही। चौथा और आखिरी क्वॉर्टर का हमारा खेल मैच में निर्णायक साबित हुआ। मैं यह कहना चाहता हूं कि यदि हमने गोल नहीं कर पाए तो इसका मतलब यह नहीं कि हम अच्छा नहीं खेले। मैं मानता हूं कि हमने कुछ गलतियां की। आखिरी के क्वॉर्टर में हमने सभी कुछ बढ़िया किया। हमारा धैर्य ही जापान पर हमारी जीत में निर्णायक साबित हुआ। कई बार आप गोल करते हैं, कई बार नहीं भी। मैं गोल की बाबत बहुत नहीं सोचता। इसकी जरूरत नहीं है कि आपने गोल नहीं किया और मेरी सोच भी यही है। हम मैच दर मैच अपने खिलाड़ियों को रोटेट कर रहे हैं क्योंकि हमें बहुत मैच खेलने हैं। विष्णुकांत सिंह जैसे हमारी टीम में बहुत नौजवान खिलाड़ी हैं। जापान के खिलाफ मैच के आखिरी में उन्होंने खूबसूरत गोल किया।’
कोशिश आखिरी में पूरी तरह दबाव बनाने की थी : अभिषेक
भारत के स्टार स्ट्राइकर मैन ऑफ द मैच अभिषेक नैन ने कहा, ‘हमारी कोशिश जापान के खिलाफ मैच में आखिरी क्वॉर्टर में पूरी तरह पकड़ बना दबाव बनाने की थी और इसी के चलते हम इस दौरान गोल करने में कामयाब रहे। चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने हमें हाफ टाइम के दौरान जापान पर दबाव बना को कहा। हमने शुरू से ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल करने की कोशिश की लेकिन इसे बनाने में कुछ वक्त लग गया। जब हमने आखिर क्वॉर्टर में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया तो हमारे कप्तान ड्रैग फ्लिकर ने पहले ही प्रयास में गोल भी कर दिया।‘
रविवार: भारत बनाम मलेशिया (शाम 7 बजे, जालंधर)


