NABARD के नई दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सहकारी क्षेत्र के संस्थागत विकास, ऋण वितरण और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के अवसरों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय समिति (HLC) की तीसरी बैठक आयोजित की।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के सहकारिता सचिव पांडुरंग के. पोले (IAS) ने की। NABARD के मुख्य महाप्रबंधक नवीन कुमार रॉय ने बैठक के संयोजक के रूप में कार्य किया।
बैठक में NABCONS की प्रबंध निदेशक पुष्पस पांडे, दिल्ली सरकार के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार सिंह, भारतीय रिजर्व बैंक की महाप्रबंधक हरिता ठक्कर और दिल्ली राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के कार्यवाहक प्रबंध निदेशक राजीव कुमार कडयना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और हितधारकों ने भाग लिया।
समिति ने दिल्ली के सहकारी क्षेत्र में प्रशासन, नियामकीय अनुपालन, व्यावसायिक प्रदर्शन, वित्तीय समावेशन, प्रौद्योगिकी अपनाने, साइबर सुरक्षा और संस्थागत मजबूती से संबंधित मुद्दों की समीक्षा की।
बैठक के प्रमुख एजेंडे में दिल्ली के सहकारी क्षेत्र पर मसौदा डायग्नोस्टिक स्टडी रिपोर्ट पर चर्चा शामिल रही। यह रिपोर्ट NABARD ने NABCONS के तकनीकी सहयोग से तैयार की है। इसमें सहकारी संस्थाओं के प्रशासन और वित्तीय व्यवहार्यता में सुधार, नियामकीय ढांचे को मजबूत करने तथा डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए सिफारिशें दी गई हैं।
रिपोर्ट में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) की स्थापना, सहकारी संस्थाओं की क्षमता निर्माण, व्यवहार्य सहकारी समितियों के पुनरुद्धार और महिलाओं, युवाओं तथा अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नए सहकारी मॉडल विकसित करने के प्रस्ताव शामिल हैं। अध्ययन में दिल्ली में सहकारी समितियों के विकास के लिए आजीविका से जुड़े आठ संभावित क्षेत्रों की भी पहचान की गई है।
समिति के सदस्यों ने अध्ययन के लिए किए गए शोध और हितधारकों के साथ परामर्श की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित नीतिगत निर्णय लेने और सहकारी क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास में सहायता कर सकती है। सदस्यों ने रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले इसमें बदलाव करने के सुझाव भी दिए।
बैठक के अध्यक्ष ने रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट नोट तैयार करने का प्रस्ताव रखा, ताकि दिल्ली सरकार इसकी सिफारिशों पर विचार कर सके। प्रस्तावित उपायों का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत करना और सदस्यों तथा स्थानीय समुदायों की सेवा करने की उनकी क्षमता में सुधार करना है।
बैठक में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऋण वितरण में सुधार, वित्तीय समावेशन और संस्थागत क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। समिति ने बेहतर प्रशासन, नियामकीय अनुपालन और सहकारी संस्थाओं के कामकाज में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर विचार किया।
बैठक में दिल्ली सरकार, NABARD, NABCONS, भारतीय रिजर्व बैंक और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। समिति का उद्देश्य मौजूदा चुनौतियों का समाधान करने और राजधानी में आजीविका तथा आर्थिक गतिविधियों में सहकारी क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने के लिए समन्वित दृष्टिकोण विकसित करना है।


