सहकारी बीज क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सहकारिता मंत्रालय ने भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीबीएसएसएल) को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों के पंजीकरण और अनुमोदन के दौरान केवल पहचान सत्यापन हेतु आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य बीज खरीद और वितरण प्रक्रिया में वास्तविक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
अधिसूचना के अनुसार आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और इसके लिए आधारधारक किसान की पूर्व सहमति आवश्यक है। आधार प्रमाणीकरण से इनकार करने या इसे पूरा नहीं कर पाने पर किसी किसान को सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकेगा। वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों के रूप में पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र स्वीकार किए जाएंगे।
यह अनुमति इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा 24 अप्रैल 2026 को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से परामर्श के बाद दी गई स्वीकृति पर आधारित है। अधिसूचना आधार अधिनियम 2016 और सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण नियम 2020 के तहत जारी हुई है। यह राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी है।
इस बीच बीबीएसएसएल का राजस्व 2025-26 में बढ़कर लगभग 222 करोड़ रुपये रहा जो 2024-25 में करीब 59.25 करोड़ रुपये था। सरकार की पूर्व जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में 28 लाख रुपये का लाभ दर्ज किया गया था।
जनवरी 2023 में बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम 2002 के तहत स्थापित संस्था को इफको कृभको नेफेड एनडीडीबी और एनसीडीसी ने प्रवर्तित किया। प्रत्येक ने शुरुआत में 50 करोड़ रुपये दिए। इसकी अधिकृत शेयर पूंजी 500 करोड़ और चुकता शेयर पूंजी 250 करोड़ रुपये है। कृभको मुख्य प्रवर्तक है।


