पंजाब के सहकारी संस्थान मार्कफेड ने अपने खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य एवं पेय प्रदर्शनी SIAL Paris 2026 में मार्कफेड के सोहना ब्रांड के तहत डिब्बाबंद सफेद छोले (चिट्टे छोले) और लाल राजमा लॉन्च किए गए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को इंडिया पवेलियन स्थित मार्कफेड के स्टॉल पर इन उत्पादों का शुभारंभ किया।
मार्कफेड की इस पहल का उद्देश्य पंजाब के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना और निर्यात के नए अवसर तलाशना है। दोनों उत्पाद नमकीन पानी में संरक्षित हैं और तैयार उपयोग के लिए पेश किए गए हैं।
सोहना ब्रांड की उत्पाद श्रृंखला का विस्तार
मार्कफेड अपने सोहना ब्रांड के तहत पहले से ही कई तैयार खाद्य उत्पाद बाजार में उपलब्ध करा रहा है। इनमें सरसों का साग, दाल मखनी, राजमा, कढ़ी पकौड़ा और अमृतसरी छोले शामिल हैं। इसके अलावा ब्रांड के अंतर्गत सरसों का तेल, अचार और मुरब्बे भी बेचे जाते हैं। नए उत्पादों के जुड़ने से सोहना ब्रांड की तैयार खाद्य उत्पाद श्रृंखला का विस्तार होगा।
20 से अधिक देशों में निर्यात
मार्कफेड का कारोबार 21,248 करोड़ रुपये से अधिक है और इससे करीब 20 लाख किसान जुड़े हुए हैं। संस्थान के उत्पाद मध्य पूर्व, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड समेत 20 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं।
SIAL Paris 2026 में भागीदारी के जरिए मार्कफेड नए अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और वितरकों से संपर्क स्थापित करने के साथ विदेशी कंपनियों के लिए निजी ब्रांड के तहत उत्पाद निर्माण की संभावनाएं भी तलाश रहा है। इससे संस्थान को अपने मौजूदा निर्यात बाजारों को मजबूत करने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात पर जोर
प्रदर्शनी में मार्कफेड के उत्पाद पंजाब मार्ट के तहत प्रदर्शित किए जा रहे हैं। इस मंच पर मिल्कफेड के वेरका ब्रांड और पंजाब एग्रो के उत्पाद भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उत्पादों की लॉन्चिंग को पंजाब के किसानों और सहकारी संस्थाओं के लिए गर्व का विषय बताया। प्रदर्शनी के दौरान पंजाब के प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांस और अन्य देशों की खाद्य कंपनियों के साथ बैठकें भी कीं। इनमें खाद्य प्रसंस्करण तकनीक, आधुनिक पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और वितरण के क्षेत्रों में संभावित साझेदारियों पर चर्चा हुई।


