केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास और समन्वित कार्रवाई आवश्यक है।
शाह ने कहा कि BIMSTEC क्षेत्र के किसी भी हिस्से का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ आतंकवादियों को पनाह देने, भर्ती करने, प्रशिक्षण देने या वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ साझा संकल्प के साथ काम करने की अपील की।
गृह मंत्री ने कहा कि सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क लगातार अपने तौर-तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में खुफिया जानकारी साझा करने, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने और BIMSTEC कन्वेंशन के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत द्वारा आतंकवाद से निपटने के लिए किए गए कानूनी, संस्थागत और तकनीकी सुधारों का उल्लेख किया। शाह के अनुसार, खुफिया तंत्र की मजबूती, आतंकी वित्तपोषण पर कार्रवाई, सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण और साइबर सुरक्षा क्षमताओं के विस्तार से देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
BIMSTEC में भारत, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं। करीब 1.7 अरब आबादी और पांच ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त अर्थव्यवस्था वाला यह समूह क्षेत्रीय सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। गृह मंत्रियों की पहली बैठक में सदस्य देशों के सामने उभरती सुरक्षा चुनौतियों और उनसे निपटने के लिए मौजूदा सहयोग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।


