भारतीय दूतावास ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन यानी तीन ‘टी’ (Trade, Technology and Tourism) पर केंद्रित अपनी रणनीति के तहत इस बैठक का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय चावल के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाना है।
बैठक के दौरान NCEL के प्रतिनिधियों और कोटे डी आइवर के प्रमुख चावल आयातकों एवं वितरकों ने भारतीय चावल की निर्यात संभावनाओं, स्थानीय बाजार की मांग और व्यापार विस्तार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इसके साथ ही दोनों देशों के व्यवसायों के बीच मजबूत बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संबंध स्थापित करने और भविष्य में व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि NCEL की स्थापना भारतीय सहकारी संस्थाओं के माध्यम से निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। संस्था देश के सहकारी उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने और कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।
इस पहल से भारतीय सहकारी क्षेत्र की वैश्विक कृषि व्यापार में भागीदारी बढ़ने की संभावनाएं हैं। साथ ही घरेलू सहकारी उत्पादकों को विदेशी खरीदारों से जुड़ने और किसानों के लिए नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने में सहायता मिल सकती है।


