नागालैंड सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए भारतीय और जर्मन परोपकारी संगठनों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाएं तलाश रही है। राज्य के स्कूली शिक्षा सलाहकार केखरीलहौली योहोम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा पर खर्च होने वाले सरकारी धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना भी है।
इस संबंध में राज्य सरकार और मुंबई के रोटरी क्लब ऑफ द क्वीन्स नेकलेस के अध्यक्ष निकुंज झावेरी तथा जर्मनी स्थित चाइल्डएड नेटवर्क फाउंडेशन के अध्यक्ष मार्टिन कैस्पर के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच चर्चा हुई है।
प्रस्तावित साझेदारी के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण, डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, व्यावसायिक कौशल और परियोजना आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। कैस्पर के अनुसार, यह सहयोग कम से कम पांच वर्षों तक चल सकता है। योहोम ने बताया कि नागालैंड अपने बजट का लगभग 8.3 से 8.7 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करता है। हालांकि, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की आवश्यकता है।
कैस्पर ने सरकारी स्कूलों में दसवीं कक्षा की परीक्षा में आधे से भी कम विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं।
इस पहल में रोटरी, चाइल्डएड नेटवर्क और स्थानीय सहयोगी संस्थाएं शामिल होंगी। साझेदारी का उद्देश्य वित्तीय सहायता के साथ तकनीकी विशेषज्ञता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना भी है। भविष्य में कोहिमा और दीमापुर में रोजगार के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने राज्य में ही काम मिल सके।


