अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की राहत खत्म हो सकती है। ट्रंप प्रशासन ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल H-1B समेत कुछ गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को नौकरी खत्म होने के बाद अधिकतम 60 दिन अमेरिका में रहकर नई नौकरी तलाशने, वीजा स्थिति बदलने या देश छोड़ने की तैयारी करने की अनुमति मिलती है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, जिस नौकरी के आधार पर किसी विदेशी कर्मचारी को अमेरिका में रहने की अनुमति मिली है, उसके खत्म होते ही उसका गैर-आप्रवासी दर्जा भी समाप्त हो सकता है। ऐसे में कर्मचारी को अमेरिका में बने रहने के लिए किसी दूसरी वैध अनुमति की जरूरत होगी।
इस प्रस्ताव का सबसे अधिक असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी तकनीकी कंपनियों में बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी H-1B वीजा के तहत काम करते हैं। नौकरी जाने पर अभी उन्हें नई नौकरी खोजने के लिए 60 दिन मिलते हैं, लेकिन प्रस्ताव लागू होने पर यह समय उपलब्ध नहीं रहेगा।
यह बदलाव केवल H-1B वीजा तक सीमित नहीं है। E-1, E-2, E-3, H-1B1, L-1, O-1 और TN जैसी अन्य गैर-आप्रवासी वीजा श्रेणियां भी प्रभावित हो सकती हैं। इनके आश्रितों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है।
60 दिन की ग्रेस अवधि 2016 में बनाई गई थी और 2017 से लागू हुई। इसका उद्देश्य उच्च-कुशल विदेशी कर्मचारियों को नौकरी बदलने के लिए समय देना था।
हालांकि अभी यह नियम लागू नहीं हुआ है। सरकार ने प्रस्ताव पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी हैं। करीब दो महीने की प्रक्रिया के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसलिए फिलहाल मौजूदा 60 दिन की राहत जारी है।


