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ICAR छात्रों को DBT से मिली छात्रवृत्ति, 6,000 से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से केंद्रीकृत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली की शुरुआत की है

ICAR Students to Receive Scholarships and Fellowships Directly Through DBT


Published: 16:35pm, 11 Aug 2026

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति और फेलोशिप की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से केंद्रीकृत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली की शुरुआत की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के पूसा संस्थान स्थित बी.पी. पाल सभागार में इस व्यवस्था का शुभारंभ किया।

इस पहल के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में ICAR के माध्यम से विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने वाले 6,000 से अधिक स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएच.डी. विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इनके लिए कुल 21.35 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि सीधे बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है। भविष्य में इस व्यवस्था का लाभ ICAR की छात्रवृत्ति या फेलोशिप के लिए चयनित सभी पात्र विद्यार्थियों तक विस्तारित किया जाएगा।

नई प्रणाली का मुख्य उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण को अधिक पारदर्शी, सुगम, कुशल और समयबद्ध बनाना है। सीधे भुगतान से बिचौलियों की भूमिका घटेगी, जवाबदेही बढ़ेगी और छात्रों को आर्थिक सहायता समय पर मिल सकेगी। इससे वे आर्थिक बाधाओं के बिना अपनी पढ़ाई और शोध जारी रख सकेंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों को बिना रुकावट शिक्षा जारी रखने में मदद करेगी और कृषि तथा संबद्ध विज्ञानों के उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। कृषि राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने भी समय पर वित्तीय सहायता को शिक्षा और अनुसंधान की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि परिषद कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। केंद्रीकृत DBT व्यवस्था से छात्रवृत्ति वितरण की दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी तथा उच्च कृषि शिक्षा को नई गति मिलेगी। यह डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

Jitendra