उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नकलमुक्त बनाने के लिए तकनीकी बदलाव लागू करने की तैयारी कर रहा है। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी के अनुसार, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे। इससे अनुचित साधनों और इलेक्ट्रॉनिक नकल पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान रोकने के उद्देश्य से आयोग वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) प्रणाली को आधार कार्ड से जोड़ने पर भी विचार कर रहा है। यह व्यवस्था हरियाणा लोक सेवा आयोग की प्रणाली की तर्ज पर लागू की जाएगी। इसके साथ ही सीधी भर्ती, आवेदन पत्रों की जांच और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की स्क्रूटनी को पूरी तरह ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। डिजिटल जांच से समय बचेगा, मानवीय त्रुटियां कम होंगी तथा चयन प्रक्रिया अधिक समयबद्ध और पारदर्शी बनेगी।
प्रतियोगी छात्रों के लिए राहत की खबर है कि बहुप्रतीक्षित आरओ-एआरओ-2026 भर्ती का विज्ञापन अगस्त के अंतिम सप्ताह में जारी होने की प्रबल संभावना है। हाल में लगभग 350 सहायक समीक्षा अधिकारियों के समीक्षा अधिकारी पद पर पदोन्नत होने से बड़ी संख्या में एआरओ पद खाली हुए हैं। नए अधियाचन को शामिल करते हुए आयोग करीब 500 पदों के लिए अधिसूचना जारी कर सकता है।
हालांकि, आयोग कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में केवल 250 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि भर्ती प्रक्रियाओं और प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए लगभग दोगुने कर्मचारियों की आवश्यकता बताई गई है।


