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थम नहीं रहा NEET रिजल्ट का बवाल, एनटीए से दावा खारिज होने के बाद छात्राएं पहुंचीं हाई कोर्ट

एनटीए ने पहले उनकी शिकायतों को खारिज कर दिया था

Published: 13:33pm, 31 Jul 2026

री-नीट 2026 के परिणाम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अलग-अलग राज्यों की दो छात्राओं ने अपने परिणामों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों का दावा है कि उनकी ओएमआर शीट, अंक और रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां हुईं, जबकि एनटीए ने पहले उनकी शिकायतों को खारिज कर दिया था।

राजस्थान: 632 अंक से घटकर 275 होने का दावा

राजस्थान के गंगापुर सिटी की छात्रा अंशिका अग्रवाल ने राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि परीक्षा के बाद ओएमआर शीट का मिलान करने पर उनके 632 अंक बन रहे थे और यही स्कोर कोचिंग संस्थान के मिलान में भी सामने आया। लेकिन एनटीए द्वारा जारी परिणाम में उन्हें केवल 275 अंक दिए गए।

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिणाम जारी करते समय छात्रा के रिकॉर्ड में कई गंभीर त्रुटियां हुईं। अंशिका की जगह वंशिका नाम दर्ज कर दिया गया, माता-पिता के नाम बदल गए और रोल नंबर में भी कथित बदलाव कर दिया गया। मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार और एनटीए को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने मूल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश भी दिए हैं और अगली सुनवाई तीन दिन बाद तय की है।

उत्तर प्रदेश की आर्या सिंह ने भी हाई कोर्ट का लिया सहारा

वहीं कानपुर की छात्रा आर्या सिंह भी एनटीए के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंच गई हैं। आर्या का आरोप है कि पहले जारी ओएमआर के आधार पर उनके 609 अंक बन रहे थे, जबकि रिजल्ट घोषित होने पर पहले 570 अंक दिखाए गए और बाद में संशोधित होकर सिर्फ 167 अंक रह गए।

आर्या का कहना है कि ओएमआर शीट में पहले 77 नंबर गायब थे और 85वीं प्रश्न संख्या दो बार दर्ज थी। शिकायत के बाद एनटीए ने संशोधित ओएमआर भेजी, जिसमें 609 अंक बन रहे थे, लेकिन अंतिम परिणाम में अंक लगातार घटते चले गए। छात्रा का आरोप है कि एनटीए ने उनकी अधिक अंकों वाली अंकतालिका को फर्जी बताते हुए दावा खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया है। परिवार का कहना है कि तकनीकी त्रुटियों और समय संबंधी रिकॉर्ड के भी सबूत अदालत में पेश किए गए हैं।

YuvaSahakar Desk

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