देश की प्रमुख प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं JEE और NEET का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपनी कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव शुरू कर दिए हैं। पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर उठे सवालों के बाद एजेंसी अब ‘Build New NTA’ अभियान के तहत तकनीक, सुरक्षा, संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे पहले सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया था।
एनटीए ने चार वरिष्ठ नेतृत्व पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें असेसमेंट-रिसर्च एंड डेवलपमेंट तथा साइकोमेट्रिक, टेस्ट सेंटर नेटवर्क एवं ऑपरेशन्स, इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी के लिए चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर और विजिलेंस, इन्वेस्टिगेशन एवं फोरेंसिक्स के लिए जनरल मैनेजर के पद शामिल हैं। इन वरिष्ठ पदों के अलावा एनटीए ने सिविल सेवा परीक्षाओं में शामिल हो चुके युवा प्रोफेशनल्स को भी अवसर देने की घोषणा की है। एकेडमिक रिसर्च के लिए 12, लीगल रिसर्च के लिए दो तथा फाइनेंस और अकाउंट्स रिसर्च के लिए दो पद निर्धारित किए गए हैं।
एजेंसी के अनुसार, प्रोफेसर के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली हाई-लेवल कमेटी ऑफ एक्सपर्ट्स की सिफारिशों के बाद एनटीए अपने इतिहास के सबसे व्यापक संस्थागत सुधार से गुजर रहा है। इसका उद्देश्य करोड़ों विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों के लिए परीक्षाओं को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
इन नियुक्तियों के माध्यम से प्रश्नपत्र सुरक्षा, परीक्षा केंद्र प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, मूल्यांकन, जांच और वित्तीय निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। सरकार का प्रयास है कि विशेष रूप से मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के आयोजन में स्थायी संरचनात्मक सुधार किए जाएं।


