झारखंड सरकार ने राज्य में विमानन शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट विमानन अभियंता सह एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) और एयर होस्टेस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इन दोनों पाठ्यक्रमों का संचालन धनबाद स्थित नागर विमानन विभाग के आधारभूत ढांचे में किया जाएगा।
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के संचालन के लिए दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। वहीं, एयर होस्टेस प्रशिक्षण के लिए भोपाल की एआईएसईसीटी लिमिटेड के साथ करार हुआ है। दोनों पाठ्यक्रम पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाएंगे। इससे राज्य सरकार और झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार के अनुसार, पड़ोसी राज्यों में सरकारी स्तर पर इस प्रकार के पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं हैं। धनबाद में पहले से खनन और इंजीनियरिंग से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, इसलिए यहां विमानन प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
दोनों पाठ्यक्रमों का शुभारंभ नवंबर में झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। इनके शुरू होने के बाद झारखंड पूर्वी भारत का पहला राज्य बनेगा, जहां सरकारी स्तर पर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग और एयर होस्टेस प्रशिक्षण की पढ़ाई उपलब्ध होगी।


