QS बेस्ट स्टूडेंट सिटी रैंकिंग 2027 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र का दबदबा एक बार फिर देखने को मिला है। लगातार दूसरे वर्ष दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल दुनिया का सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर बनी है, जबकि जापान की राजधानी टोक्यो दूसरे स्थान पर रही। लंदन तीसरे स्थान पर कायम रहते हुए यूरोप का सबसे ऊंची रैंक वाला छात्र शहर बना हुआ है।
भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारत के लिए इस बार की रैंकिंग में मिश्रित लेकिन सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। मुंबई 91वें स्थान के साथ देश का सबसे ऊंची रैंक वाला छात्र शहर बन गया है। पिछले वर्ष यह 98वें स्थान पर था, यानी इस बार उसने सात स्थान की छलांग लगाई है। वहीं दिल्ली 99वें स्थान पर पहुंच गई है और उसे दुनिया का सबसे किफायती छात्र शहर घोषित किया गया है।
इसके अलावा बेंगलुरु संयुक्त रूप से 114वें स्थान पर रहा, जो पिछले साल की तुलना में छह स्थान नीचे खिसका है। वहीं चेन्नई ने पांच स्थान का सुधार करते हुए 123वां स्थान हासिल किया है। QS के अनुसार मुंबई और दिल्ली को बेहतर रोजगार अवसरों तथा कम शिक्षा लागत का फायदा मिला, जबकि बेंगलुरु की रैंकिंग पर अपेक्षाकृत अधिक अंतरराष्ट्रीय ट्यूशन फीस का असर पड़ा।
टॉप–10 में एशिया और यूरोप का दबदबा
रैंकिंग के अनुसार सियोल पहले, टोक्यो दूसरे और लंदन तीसरे स्थान पर हैं। मेलबर्न चौथे स्थान पर रहा, जबकि म्यूनिख और सिडनी संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर हैं। पेरिस सातवें, बर्लिन आठवें, वियना नौवें और ज्यूरिख 10वें स्थान पर हैं।
सियोल और टोक्यो क्यों हैं सबसे आगे?
QS के मुताबिक सियोल ने लगातार दूसरे वर्ष पहला स्थान हासिल किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग उप-सूचकांक में शानदार प्रदर्शन और Employer Activity में मजबूत स्थिति है, जो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बेहतर रोजगार अवसरों और वैश्विक आकर्षण को दर्शाती है।
वहीं टोक्यो Employer Activity इंडिकेटर में दुनिया में पहले स्थान पर है और Desirability इंडिकेटर में चौथे स्थान पर रहा। यही कारण है कि यह पढ़ाई के साथ-साथ करियर के लिहाज से भी दुनिया के सबसे पसंदीदा शहरों में शामिल है।


