दुनिया के बेहतरीन ड्रैग फ्लिकर और फुलबैक हरमनप्रीत सिंह भारत की बेल्जियम और नीदरलैंड में 15 से 30 अगस्त, 2026 में होने वाले 16वें पुरुष हॉकी विश्व कप के 20 सदस्यीय टीम की लगातार दूसरी बार कप्तानी करेंगे। भारत ने अनुभवी और नौजवान खिलाड़ियों की मिली जुली एक मजबूत टीम विश्व कप के लिए चुनी है। हरमनप्रीत की अगुआई में भारत 2023 में भुवनेश्वर और राउरकेला में हुए विश्व कप में नौंवे और उससे पहले 2018 में मनप्रीत सिंह की कप्तानी में भुवनेश्वर में छठे स्थान पर रहा था।
भारतीय पुरुष टीम हॉकी विश्व कप के अभी तक हुए सभी 15 संस्करणों में शिरकत करने वाली गिनी चुनी टीमों में से एक है। भारत ने 1971 में बार्सीलोना में पहले विश्व कप में कांसा, 1973 में एम्सटर्डम में दूसरे विश्व कप में रजत और फिर 1975 में क्वालालंपुर में तीसरे विश्व कप में दद्दा ध्यानचंद के सुपुत्र अशोक कुमार सिंह के पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में 2-1 से जीत से पहली और आखिरी बार स्वर्ण पदक जीता था। भारत इसके बाद 51 बरस 13 संस्करणों में पदक को तरस गया है।
2023 में चीफ कोच ग्राहम रीड के मार्गदर्शन में पिछले विश्व कप में भारतीय टीम पुरुष हॉकी विश्व कप में नौवें स्थान पर रही थी। भारत 2023 के विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद क्रेग फुल्टन ने भारत के चीफ हॉकी कोच की कमान संभाली थी। अपने किले की मजबूत चौकसी के दर्शन पर भरोसा करने वाले अपने दक्षिण अफ्रीकी उस्ताद क्रेग फुल्टन के मार्गदर्शन में भारत 51 बरस में पदक जीतने के सूखे को खत्म करने के लिए उतरेगा। भारत की 2026 हॉकी विश्व कप के लिए चुनी गई टीम खासी संतुलित है।
भारत ने 2025 में राजगीर में दक्षिण कोरिया को पुरुष एशिया कप हॉकी के फाइनल में दिलप्रीत सिंह के दो और सुखजीत सिंह और अमित रोहिदास के एक एक गोल से 4-1 से हरा खिताब जीत कर 2026 के पुरुष हॉकी विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई किया है। भारत ने एशिया कप में फाइनल सहित सात में छह मैच जीते और एक ड्रॉ खेला था। भारत एमस्तलीन (नीदरलैंड) में होने वाले पुरुष हॉकी विश्व कप में पूल डी में वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान के साथ है। भारत अपने अभियान का आगाज 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ मैच से करेगा, 17 अगस्त को इंग्लैंड और को 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा।
गोलरक्षक : मोहित एचएस, सूरज करकेरा।
रक्षापंक्ति : जर्मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, यशदीप सिवाच।
मध्यपंक्ति : राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद।
अग्रिम पंक्ति : दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकरा, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक नैन।
भारत की टीम में भुवनेश्वर और राउरकेला में हुए 2023 के पुरुष हॉकी विश्व कप में खेलने वाली टीम के जर्मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, हार्दिक सिंह, मनप्रीत सिंह, नीलकांत शर्मा, विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह, मनदीप सिंह, अभिषेक नैन के दस खिलाड़ी 2026 के संस्करण में शामिल हैं। मनदीप सिंह और मनप्रीत सिंह अपना लगातार चौथा विश्व कप खेल कर भारत को अब तक इकलौता विश्व कप जिताने वाले राइट आउट अशोक कुमार सिंह और धनराज पिल्लै की बराबरी कर लेंगे। वहीं हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, हार्दिक सिंह और नीलकांत शर्मा भारत के लिए लगातार तीसरा और विवेक सागर प्रसाद, सुखजीत सिंह,अभिषेक नैन, सुमित व दिलप्रीत सिंह भारत के लिए दूसरा हॉकी विश्व कप खेलेंगे।
गोलरक्षक मोहित एचएस और सूरज करकेरा, सेंटर हाफ यशदीप सिवाच, फुलबैक संजय, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, शिलानंद लाकरा, जुगराज सिंह अपना पहला विश्व कप खेलेंगे। वहीं 2018 में टीम में शामिल रहने के बाद 2023 में टीम से बाहर रहे सुमित और दिलप्रीत सिंह ने एक विश्व कप के बाद फिर भारतीय टीम में वापसी की है।
भारत के 2026 के विश्च कप के लिए 18 सदस्य तो तय थे। बस सवाल यह था कि सेंटर हाफ विवेक सागर प्रसाद अथवा राज कुमार पाल और अमनदीन लाकरा और यशदीप सिवाच में किन दो को विश्व कप के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाए। क्रेग फुल्टन को उनकी मनमाफिक टीम मिली है। बतौर सेंटर हाफ आक्रमण के साथ रक्षण में माहिर अनुभवी विवेक सागर प्रसाद विश्व कप के लिए टीम में अपनी जगह बरकरार रखने और भारत की अपने जमाने की बेहतरीन हॉकी सेंटर फॉरवर्ड प्रीतम ठाकरान सिवाच के बेटे यशदीप सिंह पहली बार विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे। दरअसल यशदीप सिवाच को खासतौर पर यूरोपीय टीम के जवाबी हमले को नाकाम करने की क्षमता के साथ जवाबी हमला बोलने की कूवत और विवेक सागर प्रसाद की प्रतिद्वंद्वी टीमों के जोरदार हमलों के सामने अपने किले की मजबूत चौकसी की कूवत के कारण ही 20 सदस्यीय टीम में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
भारत के पास जब ड्रैग फ्लिकर के रूप में कप्तान हरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, जर्मनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास के रूप में चार विकल्प तो फिर ड्रैग फ्लिकर और फुलबैक के रूप में अमनदीप लाकरा के लिए टीम में जगह नहीं बनी। भारत की चुनी गई संतुलित टीम को देखते हुए इस बेशक 1975 के बाद पहली बार विश्व कप में फिर कोई पदक की उम्मीद कर सकता है। भारत ने एफआईएच प्रो लीग में अभी हाल ही में नीदरलैंड में विश्व चैंपियन जर्मनी, नीदरलैंड और इंग्लैंड की मजबूत टीमों को हरा साबित किया कि उसके पास हॉकी के विश्व कप जैसे बड़े मंच पर इस बार पदक जीतने का दम है।
मौजूदा टीम के पास इतिहास में नया अध्याय लिखने का मौका: फुल्टन
हॉकी विश्व कप के लिए चुनी गई भारतीय टीम की बात चीफ कोच क्रेग फुल्टन ने कहा, ‘ हॉकी विश्व कप 2026 के लिए चुनी गई भारतीय टीम खासी संतुलित है। हमारी टीम में कई टूर्नामेंटों में खेलने वाले अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अपने प्रदर्शन पर टीम में जगह पाने वाले नौजवान खिलाड़ियों की मिली जुली संतुलित टीम चुनी है। हमने टीम चुनते हुए खिलाड़ी के नाम की जगह उसके प्रदर्शन और अनुभव को तवज्जो दी है। दबाव बनाना, जवाबी हमले बोलना हमारी महज तकनीकी पहचाना नहीं है, बल्कि यह वह तरीका है, जिसके मुताबिक हमारी टीम रोज एक साथ ट्रेनिंग करती और सोचती है। हम बहुत आगे की नहीं सोच रहे । हर समय हमारी सोच बस यही एक समय केवल एक मैच पर पर ध्यान लगाए और पूरी ताकत झोंक दें। 1975 में आखिरी बार विश्व कप जीतने के बाद से करीब 50 बरस में हमारी मौजूदा हॉकी टीम के पास भारतीय हॉकी के इतिहास में अपना नया अध्याय लिखने का मौका है। हम इसे लेकर वाकई रोमांचित हैं।