मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में आधारभूत ढांचे, महिला सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा से जुड़े 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना सबसे प्रमुख है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इससे प्रदेश की करीब 50 हजार मेधावी छात्राओं को लाभ मिलने की संभावना है।
योजना के तहत प्रदेश के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सहित सभी प्रकार के कॉलेजों में स्नातक अंतिम वर्ष की शीर्ष पांच छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करना, उनकी आवागमन संबंधी कठिनाइयों को कम करना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है।
सामान्य श्रेणी की छात्राओं के लिए स्नातक अंतिम वर्ष में कॉलेज की टॉप-5 सूची में स्थान प्राप्त करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही अभिभावकों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। दिव्यांग, शहीद और निराश्रित परिवारों से संबंधित छात्राओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इन वर्गों की छात्राओं के लिए केवल स्नातक उत्तीर्ण होना ही पात्रता मानी जाएगी।
सरकार चयनित छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी के साथ पंजीकरण शुल्क, बीमा, आईएसआई प्रमाणित हेलमेट, जरूरी एक्सेसरीज़ और पांच लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराएगी। स्कूटियों की खरीद गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत शोध पीठ की स्थापना और महिला छात्रावासों के निर्माण के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, सुरक्षित आवास सुविधाएं बढ़ेंगी और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।


