प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक में नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले को ‘घोर पाप’ बताते हुए दोषियों के खिलाफ सबसे सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद सरकार की ओर से की गई कार्रवाई का उल्लेख किया। मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 27 मई 2026 को दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 13 होने की पुष्टि की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल कदम उठाए और परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदार लोगों को ऐसी सजा मिलनीचाहिए, जो भविष्य में इस तरह के अपराधों के खिलाफ एक मजबूत उदाहरण बने।
उन्होंने राज्य सरकारों से भी परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की अपील की। प्रधानमंत्री के अनुसार, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना केंद्र और राज्यों की साझा जिम्मेदारी है।
नीट परीक्षा से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा होता है। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल अभ्यर्थियों का भरोसा तोड़ती हैं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा संबंधी भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा


