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गोबर से बनेगा ईंधन और खाद, एनडीडीबी और दिल्ली नगर निगम में एमओयू

यमुना नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। नई दिल्ली में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच हुए समझौते के तहत अब शहर में निकलने वाले गोबर का उपयोग कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) और जैविक खाद बनाने में किया जाएगा।

NDDB–MCD Join Hands to Convert Waste into Green Energy and Organic Manure


Published: 09:00am, 17 Jul 2026

यमुना नदी को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और सुंदर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। नई दिल्ली में दिल्ली नगर निगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली में पशुओं से निकलने वाले गोबर का वैज्ञानिक प्रबंधन करना और उसे प्रदूषण का कारण बनने के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलना है।

अब तक दिल्ली के कई इलाकों से निकलने वाला गोबर नालों और जलधाराओं के माध्यम से यमुना में पहुंच जाता था। इससे नदी में जैविक प्रदूषण बढ़ता था और जल की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था के तहत इस गोबर को एकत्र कर कंप्रेस्ड बायो-गैस यानी सीबीजी और जैविक खाद बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर आधुनिक सीबीजी प्लांट स्थापित करने की योजना है।

इन संयंत्रों में गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट से स्वच्छ ईंधन तैयार किया जाएगा। इससे एक ओर यमुना में जाने वाले प्रदूषक तत्वों की मात्रा कम होगी, वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम आधारित ईंधन पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिलेगी। प्रक्रिया के बाद बचने वाले पदार्थ से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जा सकेगी, जिसका उपयोग कृषि और बागवानी में किया जाएगा।

यह समझौता केवल दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक प्रभावी मॉडल बन सकता है। इससे शहरी स्वच्छता बेहतर होगी, कचरे से ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त आय का अवसर प्राप्त होगा। यह पहल स्वच्छ ऊर्जा, परिपत्र अर्थव्यवस्था और नदी संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने वाली महत्त्वपूर्ण परियोजना है।

Jitendra