सर्दी के कपड़े समेटने के बाद उत्तर भारत में अचानक बदले मौसम ने लोगों को असमंजस में डाल दिया है। बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण एक ओर तापमान में गिरावट आई है, तो दूसरी ओर बिना पंखे के काम भी नहीं चल रहा, जिससे लोगों को यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि गर्म कपड़े पहनें या हल्के।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और राजस्थान के कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई शहरों में शुक्रवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। वहीं दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम लगातार बदल रहा है।
इस बेमौसम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। यह समय रबी फसलों के पकने और कटाई का होता है, ऐसे में बारिश और तेज हवा फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं की तैयार फसल खेतों में गिर सकती है, जिससे पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित होगी। सरसों की फसल में अधिक नमी के कारण फलियां झड़ने का खतरा है, जबकि चने और अन्य दलहनी फसलों में जलभराव से सड़न की समस्या बढ़ सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कट चुकी फसलों को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें।
मौसम विभाग के अनुसार इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जिम्मेदार है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ गई है और बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।


