राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) के अनुसार 20 जनवरी 2026 तक ओडिशा राज्य में कुल 4,262 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) हैं, जिनमें से 4,147 समितियां कार्यशील हैं। सहकारिता मंत्रालय द्वारा राज्य में पैक्स के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत ओडिशा में 4,240 पैक्स को कम्प्यूटरीकरण के लिए स्वीकृति दी गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य को 18.07 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। इस योजना के तहत पैक्स को कॉमन ईआरपी आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर से जोड़ा जा रहा है, जिससे ऋण वितरण में तेजी और रीयल-टाइम लेखांकन की सुविधा मिलेगी।
इसी बीच राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने 25 जनवरी 2026 तक देशभर में सहकारी संस्थानों के विकास के लिए कुल 5,10,955.14 करोड़ रुपये का संवितरण किया है। इसमें से 3,347.35 करोड़ रुपये ओडिशा में सहकारी विकास के लिए वितरित किए गए हैं।
पिछले पांच वर्षों के दौरान ओडिशा में विपणन, सेवा सहकारिता, डेयरी एवं पशुधन, मत्स्यिकी, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) और भंडारण जैसे क्षेत्रों में एनसीडीसी द्वारा ऋण और अनुदान के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान किया गया है।
सहकारिता मंत्रालय ने अपनी स्थापना (6 जुलाई 2021) के बाद से “सहकार-से-समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के लिए कई पहलें की हैं। इसके तहत नई आदर्श उप-विधियों को 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाया गया है, जिससे पैक्स अब 25 से अधिक व्यावसायिक गतिविधियां कर सकेंगी। इसके अलावा सरकार 2 लाख नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों की स्थापना की योजना लागू कर रही है।


