Trending News

UPSC ने घोषित किए सिविल सेवा प्रीलिम्स के नतीजे, 13,300 से अधिक उम्मीदवार हुए सफल PM मोदी आज G-7 समिट में करेंगे शिरकत थोक महंगाई मई में रिकॉर्ड 9.68% पर पहुंची, ईंधन कीमतों में उछाल का असर, 43 महीनों में रही सबसे ज्यादा अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर बनी सहमति, 19 जून को समझौते पर होगा दस्तखत, होर्मुज फिर खुलेगा लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे नए आर्मी चीफ, 30 जून से पदभार संभालेंगे 100% एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी जेवर एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों का आगाज, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट का हुआ भव्य स्वागत UPSC ने घोषित किए सिविल सेवा प्रीलिम्स के नतीजे, 13,300 से अधिक उम्मीदवार हुए सफल PM मोदी आज G-7 समिट में करेंगे शिरकत थोक महंगाई मई में रिकॉर्ड 9.68% पर पहुंची, ईंधन कीमतों में उछाल का असर, 43 महीनों में रही सबसे ज्यादा अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने पर बनी सहमति, 19 जून को समझौते पर होगा दस्तखत, होर्मुज फिर खुलेगा लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे नए आर्मी चीफ, 30 जून से पदभार संभालेंगे 100% एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी जेवर एयरपोर्ट से यात्री उड़ानों का आगाज, लखनऊ से पहुंची पहली फ्लाइट का हुआ भव्य स्वागत

एनडीडीबी और चारुतर विद्या मंडल (सीवीएम) के बीच सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

यह पहल राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप डेयरी और पशुपालन क्षेत्र के विकास को गति देगी तथा “विकसित डेयरी” और “विकसित भारत” के विज़न को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी

Published: 10:17am, 05 Feb 2026

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) और चारुतर विद्या मंडल (सीवीएम) विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस MoU पर एनडीडीबी के कार्यकारी निदेशक एस. राजीव और सीवीएम विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एवं डीन (अकादमिक) प्रो. संदीप वालिया ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनैश शाह और सीवीएम विश्वविद्यालय के चेयरमैन एवं प्रेसिडेंट भिखुभाई पटेल उपस्थित रहे।

समझौता ज्ञापन के तहत उद्योग–शैक्षणिक सहयोग के लिए एक संरचित ढांचा स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से अंतःविषयक अनुसंधान, कौशल विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शैक्षणिक अनुसंधान को व्यावहारिक, क्षेत्र स्तर पर लागू किए जा सकने वाले और बड़े पैमाने पर विस्तार योग्य समाधानों में परिवर्तित करना है।

यह पहल राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप डेयरी और पशुपालन क्षेत्र के विकास को गति देगी तथा “विकसित डेयरी” और “विकसित भारत” के विज़न को साकार करने में सहायक सिद्ध होगी।

YuvaSahakar Desk