राष्ट्रीय सहकारी प्रशिक्षण परिषद (एनसीसीटी) देशभर में 20 सहकारी प्रशिक्षण संस्थानों का संचालन कर रही है। इनमें पुणे स्थित शीर्ष संस्थान वैकुंठ मेहता राष्ट्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (वैमनीकॉम), पाँच क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान (आरआईसीएम) और 14 सहकारी प्रबंधन संस्थान (आईसीएम) शामिल हैं। यह जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दी।
एक लिखित उत्तर में मंत्री ने बताया कि एनसीसीटी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रशिक्षण सहायता प्रदान करता है। जिन क्षेत्रों में कोई संस्थान नहीं है, वहाँ आरआईसीएम और आईसीएम के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है।
सहकारी शिक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) की स्थापना की है और सभी राज्यों से कम से कम एक संस्थान को इससे संबद्ध करने का अनुरोध किया गया है।
पिछले पाँच वित्तीय वर्षों में केंद्र सरकार ने एनसीसीटी द्वारा संचालित संस्थानों को कुल 241.05 करोड़ रुपये स्वीकृत और जारी किए हैं। इस अवधि के दौरान एनसीसीटी ने 270 डिप्लोमा कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 9,566 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। ये कार्यक्रम सहकारी व्यवसाय प्रबंधन, कंप्यूटर अनुप्रयोग, डेयरी, औद्योगिक सहकारिता और शहरी सहकारी बैंकिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़े थे।
इसके अलावा वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच एनसीसीटी और उसके संस्थानों ने 13,262 अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे 8.11 लाख से अधिक प्रतिभागियों को लाभ मिला।
अमित शाह ने कहा कि एनसीसीटी देशभर में सहकारी क्षेत्र में पेशेवर प्रबंधन और मानव संसाधन को सशक्त बनाने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


