वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट (Budget 2026) में किसानों (Farmers) और सहकारी (Cooperatives) सदस्यों को आर्थिक लाभ का रास्ता खोला गया है, वहीं सहकारी कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) को 450 करोड़ रुपये की ग्रांट दी गई है, जो उसे प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी।
बजट में सहकारिता क्षेत्र के लिए दूसरी बड़ी घोषणा एनसीईएल को 450 करोड़ रुपये की ग्रांट-इन-एड देने की है। इसका उद्देश्य एनसीईएल को एक निर्यातक के रूप में प्रतिस्पर्धी बनाना है। सरकार द्वारा स्थापित तीन नई सहकारी संस्थाओं में एनसीईएल की स्थापना किसानों को कृषि निर्यात का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए की गई है। ऐसे में उसे पहले से मौजूद निर्यात कंपनियों से प्रतिस्पर्धा करनी है। इसी उद्देश्य से सरकार ने एनसीईएल को वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया है।
सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि कृषि निर्यात में बड़े घरेलू व्यापारियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुकाबले एनसीईएल को सरकार की आर्थिक मदद मिलने से किसानों को सीधा लाभ होगा। देश भर की किसान सहकारी समितियां इसकी सदस्य बन रही हैं, जिससे निर्यात से होने वाली आय का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सकेगा।


