युवा सहकार, नई दिल्ली।
आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के आम् बजट में सहकारिता सेक्टर के लिए “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को और मजबूत करने का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में दिए अपने बजट भाषण सहकारिता क्षेत्र के डिजिटल आधुनिकीकरण और वित्तीय रूप से सशक्त और करों में राहत की घोषणा की है।
1. प्रमख घोषणाओँ में टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। इसमें इंटर-कोऑपरेटिव लाभांश (Dividend) पर कर राहत की घोषणा की गई है। इसके तहत आम बजट में सहकारी समितियों के लिए दोहरे कराधान (Double Taxation) को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
2. नियमों में संशोधन करते हुए एक सहकारी समिति को दूसरी सहकारी समिति से प्राप्त लाभांश (Dividend) पर टैक्स में छूट मिलेगी, बशर्ते वह इसे आगे अपने सदस्यों में वितरित कर दे। इससे सहकारी संस्थाओं के पास अधिक पूंजी बचेगी और व्यक्तिगत सदस्यों को मिलने वाले लाभ में वृद्धि होगी।
PACS (पैक्स) का आधुनिकीकरण और विस्तारः
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने पर जोर दिया गया है:
डिजिटलीकरण: देश की लगभग 63,000 PACS के कंप्यूटरीकरण के लिए बजट आवंटन जारी रखा गया है ताकि पारदर्शिता बढ़े।
बहुउद्देशीय सेवाएं: PACS अब केवल ऋण तक सीमित नहीं रहेंगी। इन्हें खाद-बीज वितरण, अनाज भंडारण और जन औषधि केंद्रों के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
लक्ष्य: 2027 तक हर पंचायत में एक बहुउद्देशीय सहकारी समिति स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
3. नई राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2026
सरकार ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति के ढांचे को लागू करना शुरू कर दिया है। इसके तहत:
प्रोफेशनल मैनेजमेंट: सहकारी बैंकों और समितियों में पेशेवर प्रबंधन और शासन सुधार (Governance Reforms) के लिए मानक तय किए गए हैं।
राज्य सहयोग: ओडिशा जैसे कई राज्यों ने अपनी नीतियों को केंद्र की इस नई नीति के साथ जोड़ दिया है ताकि छोटे किसानों और कारीगरों को बेहतर ऋण और बीमा सुविधा मिल सके।
4. बुनियादी ढांचा और भंडारण
अनाज भंडारण: दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत सहकारी क्षेत्र में गोदामों के निर्माण के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
डेयरी और मत्स्य पालन: सहकारी मॉडल के माध्यम से डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में “स्मार्ट क्लस्टर” विकसित करने की योजना है।


