भारत के युवा सहकारिता नेता हर्ष संघाणी वर्ष 2026–2030 के कार्यकाल के लिए अंतरराष्ट्रीय सहकारिता गठबंधन (आईसीए) की युवा समिति के अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुने जाने की राह पर हैं। 13 सितंबर को पनामा में होने वाले आईसीए वैश्विक सम्मेलन एवं महासभा के दौरान आयोजित चुनाव के लिए जारी उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची में अध्यक्ष पद के लिए हर्ष संघाणी एकमात्र उम्मीदवार हैं। ऐसे में उनका पुनर्निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।
आईसीए युवा समिति का चुनाव समिति की पूर्ण बैठक के दौरान होगा। चार सामान्य सदस्य पदों के लिए कई उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए किसी भी सदस्य संगठन ने हर्ष संघाणी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा। इसे उनके नेतृत्व में वैश्विक सहकारिता समुदाय के व्यापक विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
अपने पहले कार्यकाल में हर्ष संघाणी ने आईसीए युवा समिति को अधिक सक्रिय और सहयोगात्मक मंच बनाने की दिशा में कई पहल कीं। उनके नेतृत्व में वैश्विक संवाद बैठकों की शुरुआत हुई, क्षेत्रीय युवा सहयोग को बढ़ावा मिला और अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माण तथा सहकारी शासन से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की भागीदारी बढ़ी। उन्होंने युवा नेतृत्व, सहकारिता शिक्षा, उद्यमिता और नवाचार को भी प्राथमिकता दी।
हर्ष संघाणी ने वाई-20 शिखर सम्मेलन, आईसीए एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय महासभा और आईसीए वैश्विक बोर्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युवा सहकारिता आंदोलन का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने कहा कि सदस्य संगठनों का सर्वसम्मत समर्थन दुनिया भर के युवा सहकारियों की सामूहिक उपलब्धियों का सम्मान है और वह अधिक समावेशी, नवाचार आधारित तथा युवा नेतृत्व वाले वैश्विक सहकारिता आंदोलन के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस उपलब्धि पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने हर्ष संघाणी को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय युवाओं का वैश्विक सहकारिता मंच पर नेतृत्व करना पूरे देश के लिए गर्व की बात है।


