अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर मंगलवार को बिहार के कैमूर जिले स्थित किंगवे टेक्निकल इंस्टीट्यूट में “युवा सहकारिता” विषय पर एक सफल संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सोन वैली डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) तथा समृद्ध भारत अभियान–एवीएआरडी (नई दिल्ली) के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में NCDC के बोर्ड सदस्य धनंजय सिंह और बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनके अलावा NCDC,एवीएआरडी और केनरा बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी थे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में किसान, युवा और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य बिहार में सहकारिता आधारित व्यवसायिक गतिविधियों को मजबूत करना तथा कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को उद्यमिता से जोड़कर किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था।
अपने संबोधन में धनंजय सिंह ने देश के सफल सहकारी मॉडल्स का उल्लेख करते हुए कृषि को उद्यम के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से धान खरीद में हो रही अनियमितताओं की ओर भी ध्यान दिलाया और किसानों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
सांसद सुधाकर सिंह ने कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और मत्स्य क्षेत्र में सहकारी क्लस्टरों के विकास को समय की आवश्यकता बताया और कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
NCDC के अधिकारियों ने सहकारी समितियों के गठन और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, वहीं केनरा बैंक के प्रतिनिधियों ने बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय साक्षरता पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की सराहना की गई और बिहार में सहकारिता आंदोलन के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशा व्यक्त की गई।


