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सहकारिता से समृद्धि की राह: CM योगी ने की बी-पैक्स की क्रेडिट लिमिट 10 से 15 लाख करने की घोषणा

सीएम योगी ने कहा कि सहकारिता का मॉडल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। छोटी इकाइयां किसी भी अर्थव्यवस्था की नींव होती हैं और सहकारिता इन्हें सशक्त बनाने का सबसे कारगर तरीका है। उन्होंने बैंकों से नई तकनीक अपनाने और पारदर्शिता बढ़ाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने सहकारिता को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव करार दिया और कहा कि यह किसानों, युवा उद्यमियों और एमएसएमई की तरक्की में अहम भूमिका निभा रही है।


Published: 11:22am, 26 Mar 2025

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी सहकारी बैंकों की 61वीं वार्षिक बैठक में कई अहम घोषणाएं की हैं, जिससे किसानों और युवा उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। उन्होंने बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों की क्रेडिट लिमिट को 10 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की घोषणा की। इससे किसानों को अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही, बलरामपुर जिले में सहकारी बैंकिंग की शुरुआत करने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने सहकारिता को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव करार दिया और कहा कि यह किसानों, युवा उद्यमियों और एमएसएमई की तरक्की में अहम भूमिका निभा रही है।

युवा उद्यमियों को सहकारिता से जोड़ने का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारी बैंकों को अधिक से अधिक युवा उद्यमियों को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के तहत अब तक 32 हजार से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है। सहकारी बैंकों को इस योजना के लाभार्थियों को जोड़कर उनकी आर्थिक उन्नति में योगदान देने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सहकारी बैंकों के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने का सुनहरा मौका है।

सहकारी बैंकों की बढ़ती साख

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि 2017 में राज्य के सहकारी बैंकों का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 44 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, इन बैंकों का शुद्ध लाभ 100 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पारदर्शी नीतियों और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सहकारी बैंकों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

उर्वरकों की ब्लैक मार्केटिंग पर रोक

सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में सहकारिता को व्यक्तिगत स्वार्थ का अड्डा बना दिया गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। इसी कारण 16 सहकारी बैंकों के लाइसेंस जब्त करने पड़े थे। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को नया जीवन मिला है। आज प्रदेश के 50 में से 49 सहकारी बैंक लाभ में हैं।

उन्होंने बताया कि बी-पैक्स और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा और फर्टिलाइजर की ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे किसानों को उचित मूल्य पर खाद मिल सकेगा और आपूर्ति भी सुचारू रूप से होगी।

सहकारिता से अर्थव्यवस्था को नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी बैंकों के विस्तार और मजबूती से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने सहकारी बैंकों को नई टेक्नोलॉजी अपनाने और पारदर्शिता बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक पारदर्शिता होगी, उतना ही अच्छा काम होगा। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता के माध्यम से किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के अंतिम व्यक्ति तक आर्थिक संसाधन पहुंचाए जाएं।

YuvaSahakar Desk

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