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योगी सरकार ने सहकारिता विभाग को दी नई दिशा, 5 गुना तक बढ़ा सहकारी बैंकों का लाभ

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया गया है। सहकारी बैंकों का लाभ पांच गुना तक बढ़ा है, किसानों को सुलभ फसली ऋण मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

Published: 16:54pm, 30 May 2025

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत सहकारिता विभाग ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और पारदर्शी नीतियों के बल पर उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। वर्ष 2017 में कमजोर और घाटे में चल रहे सहकारी बैंक आज न केवल वित्तीय रूप से सशक्त हो चुके हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन बैंकों ने किसानों और छोटे उद्यमियों को समयबद्ध और सस्ता ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, साथ ही स्वयं की वित्तीय प्रगति भी सुनिश्चित की है।

उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक ने वर्ष 2017 में 9,190 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया था, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 23,061 करोड़ रुपये हो गया है, जो ढाई गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इस वृद्धि का सीधा लाभ उन किसानों और छोटे उद्यमियों को मिला है, जो पहले बैंकिंग सुविधाओं से वंचित थे। इसके साथ ही, बैंक का शुद्ध लाभ भी 2017 के 32.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025 में 100 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो तीन गुना की वृद्धि को दर्शाता है।

प्रदेश के 50 जिला सहकारी बैंकों का कुल कारोबार भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। यह कारोबार अब 41,234 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, और इन बैंकों का शुद्ध लाभ 36 करोड़ रुपये से बढ़कर 162 करोड़ रुपये हो गया है, जो पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है। फसली ऋण वितरण में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जो 2017 की तुलना में दोगुना होकर 11,516 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे किसानों को साहूकारों पर निर्भरता कम हुई और वे आत्मनिर्भर होकर खेती कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों के तहत सहकारी ढांचे को सशक्त करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार ने 13 नई सहकारी बैंक शाखाएं स्थापित की हैं और 3,000 से अधिक प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) को बहुसेवा केंद्रों में परिवर्तित किया है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बीज, खाद, बीमा और बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ता।

वर्ष 2017 में सहकारी बैंकों की स्थिति कमजोर थी, और समय पर ऋण उपलब्धता एक चुनौती थी। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुधार, डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रक्रियाओं ने सहकारी ढांचे को पूरी तरह बदल दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारिता क्षेत्र का सशक्तिकरण आवश्यक है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप सहकारी बैंक अब न केवल वित्तीय रूप से सुदृढ़ हुए हैं, बल्कि किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए आर्थिक विकास का एक मजबूत आधार भी प्रदान कर रहे हैं।

YuvaSahakar Desk

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