नेशनल कोऑपरेशन पॉलिसी 2025 और सहकारिता मंत्रालय (MOC) की पहल पर राष्ट्रीय सहकारी संघ (NCUI) द्वारा गुरुवार को एक वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में देशभर की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लगभग 150 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में एनसीयूआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुधीर महाजन (आईएएस, सेवानिवृत्त) ने नेशनल कोऑपरेशन पॉलिसी 2025 की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह नीति समावेशिता, प्रौद्योगिकी अपनाने और पारदर्शिता पर बल देकर सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने वाली है। साथ ही, मंत्रालय द्वारा संस्थागत विकास, क्षमता निर्माण और सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की।
सहकारिता मंत्रालय के निदेशक कपिल मीणा (आईएएस) ने मंत्रालय की पहल पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में मंत्रालय ने 80 से अधिक पहलें की हैं, जिनमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को मजबूत करना, बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आयकर में राहत, डेयरी व मत्स्य क्षेत्र में पहल, चीनी सहकारी समितियों को सहयोग और सुशासन सुधार शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना, व्हाइट रेवोल्यूशन 2.0 और सहकार टैक्सी सेवा जैसे बड़े कदम भी सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में उठाए गए हैं।
मंत्रालय की ओर से नियमित रूप से केंद्रीय सहकारिता मंत्री, सहकारिता राज्य मंत्री और मंत्रालय के सचिव द्वारा इन पहलों की समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्रालय के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार (आईटीएस) ने नेशनल कोऑपरेशन पॉलिसी 2025 पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह नीति छह रणनीतिक मिशन स्तंभों, 16 उद्देश्यों और 83 रणनीतियों एवं सिफारिशों पर आधारित है। इस नीति का लक्ष्य सहकारिताओं की जीडीपी में हिस्सेदारी बढ़ाना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, सहकारिताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और सदस्यता को 50 करोड़ तक ले जाना है।
वेबिनार का संचालन एनसीयूआई के कार्यकारी निदेशक वेद प्रकाश सेतिया ने किया और पूरे कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित किया।


