सहकारी लोकपाल आलोक अग्रवाल ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित विश्वदीप्ति मल्टी स्टेट एग्री कोऑपरेटिव सोसायटी को कड़ा निर्देश जारी करते हुए छह शिकायतकर्ताओं को 1.24 करोड़ रुपये की जमा राशि और उस पर देय ब्याज तत्काल लौटाने का आदेश दिया है। यह राशि 5.25 लाख से 58.52 लाख रुपये के बीच की सावधि जमा (एफडी) में निवेश की गई थी, जिनकी परिपक्वता अवधि अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच पूरी हो चुकी थी।
शिकायतकर्ता फिलोमीना वर्गीज ने 12 एफडी में 58.52 लाख रुपये निवेश किए थे, जिनके बदले सोसायटी द्वारा दिए गए 47.08 लाख रुपये के तीन चेक बैंक में बाउंस हो गए। अन्य शिकायतकर्ताओं को भी या तो बाउंस चेक मिले या सोसायटी से कोई जवाब नहीं मिला। लोकपाल कार्यालय द्वारा मार्च 2025 में भेजे गए नोटिस “पता नहीं मिला” के कारण वापस लौट आए, जबकि ईमेल और फोन कॉल का भी कोई उत्तर नहीं दिया गया।
25 अप्रैल 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित सुनवाई में शिकायतकर्ता उपस्थित रहे, लेकिन सोसायटी का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। लोकपाल ने सोसायटी की इस गैर-जिम्मेदाराना और जानबूझकर की गई अनुपस्थिति की कड़ी निंदा की। आदेश में कहा गया कि सोसायटी पर तत्काल प्रभाव से कार्य करने पर प्रतिबंध लगाया जाता है।
लोकपाल ने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट, 2002 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


