Trending News

 संसद के बजट सत्र का हुआ शुभारंभ, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, कहा- भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्वर्णिम रहा बीता वर्ष         महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निधन, बारामती में लैंडिंग के समय प्लेन क्रैश में गई जान, प्लेन में सवार अजित पवार सहित सभी 6 लोगों की मौत         भारत और EU के बीच साइन हुआ दुनिया का सबसे बड़ा FTA, दुनिया की 20% GDP, 17% वैश्विक व्यापार और 25% से अधिक आबादी को कवर करेगी ये ट्रेड डील, दुनिया ने इस समझौते को बताया Mother Of All Deals         वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा, 19 महिलाएं और 16 लोगों को मरणोपरांत पद्म सम्मान       

VP धनखड़ का किसानों से आह्वान, कृषि उद्यमी बनें किसान, सिर्फ उत्पादन तक सीमित न रहें

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसानों से उत्पादन के साथ-साथ विपणन, मूल्य संवर्धन और कृषि व्यापार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि को व्यवसाय के रूप में अपनाने और ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

Published: 13:24pm, 23 May 2025

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किसानों से आह्वान किया है कि वे केवल उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि कृषि उत्पादों के विपणन, मूल्य संवर्धन एवं व्यापारिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का मार्ग खेतों और गांवों से होकर ही गुजरता है, और इस दिशा में किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थायित्व में कृषि और ग्रामीण भारत की निर्णायक भूमिका है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे कृषि को पारंपरिक कार्य न मानें, बल्कि इसे एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाएं और ‘कृषि उद्यमी’ की सोच विकसित करें।

धनखड़ ने स्पष्ट किया कि किसानों का कार्य केवल उत्पादन तक सीमित रह जाने से वे देश की आर्थिक मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाते। उन्होंने सुझाव दिया कि अब समय आ गया है कि किसान न केवल उत्पादन करें, बल्कि विपणन, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्योगों में भी अपनी सीधी भागीदारी सुनिश्चित करें।

उन्होंने दूध, फल-सब्ज़ी, उर्वरक और कृषि उपकरणों जैसे क्षेत्रों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। उपराष्ट्रपति ने पशुधन क्षेत्र को भी एक बड़े अवसर के रूप में रेखांकित किया और कहा कि न्यूजीलैंड जैसे देशों ने इसी क्षेत्र में नवाचार कर वैश्विक पहचान बनाई है।

उन्होंने ग्रामीण युवाओं से इस क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और उद्यमिता को अपनाने का आह्वान किया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों से शिक्षित युवा भी कृषि व्यापार में उतर रहे हैं, तो फिर किसान परिवारों के बच्चे क्यों पीछे रहें?

धनखड़ ने सरकार की विभिन्न योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज की नीतियां कृषि को सशक्त बनाने हेतु अनुकूल हैं। उन्होंने किसानों से भंडारण, ऋण एवं सहकारी सुधारों का भरपूर लाभ उठाने का आग्रह किया।

अंत में उन्होंने बड़े उद्योगपतियों से भी सीएसआर निधियों का उपयोग ग्रामीण विकास और किसानों की आय वृद्धि के लिए करने की अपील की।

YuvaSahakar Desk

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x