बिहार की सब्ज़ियों ने वैश्विक बाजार में प्रवेश कर लिया है। हाल ही में 1,500 किलो सब्ज़ियों की पहली खेप दुबई के लुलु मॉल भेजी गई, जिसे परीक्षण के तौर पर भेजा गया था। इसकी सफलता से उत्साहित होकर सहकारिता विभाग अब नेपाल और सिंगापुर को भी निर्यात शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।
‘तरकारी’ ब्रांड से मिल रही पहचान
सहकारिताओं के माध्यम से ‘तरकारी’ ब्रांड के तहत शहरों में ताज़ी सब्ज़ियाँ उचित दाम पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक हरित, तिरहुत और मिथिला यूनियनों ने 1.04 लाख मीट्रिक टन सब्ज़ियाँ बेची हैं, जिससे 178 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। किसानों की सुविधा के लिए एक तरकारी मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है, जिससे वे ऑर्डर की जानकारी आसानी से ट्रैक कर पा रहे हैं।
49 हज़ार से अधिक किसान जुड़े
बिहार राज्य सब्ज़ी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत राज्यभर के 527 प्रखंड स्तरीय समितियों से 49,000 से अधिक किसान जुड़े हैं। इन्हें वेजफेड (Vegfed) के ज़रिए बेहतर बाज़ार, कोल्ड स्टोरेज और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।


