उत्तराखंड में सहकारी समितियों के 18 और 19 मार्च को चुनाव होंगे। सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण की ओर से चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है। 18 मार्च को प्रबंध कमेटी के सदस्यों के चुनाव होंगे। जबकि 19 मार्च को सभापति, उपसभापति एवं अन्य संस्थाओं के भेजे जाने वाले प्रतिनिधियों के चुनाव होंगे।
सहकारी निर्वाचन प्राधिकरण के अध्यक्ष हंसा दत्त पाण्डे के मुताबिक पूर्व में जिन सीटों पर चुनाव कराए गए थे। निर्विरोध निर्वाचन को छोड़कर अन्य चुनाव रद्द कर दिए गए हैं। अन्य सीटों पर जिनमें चुनाव हुए उनमें अब नए सिरे से चुनाव होने हैं।
इस चुनाव में एक अहम पहलू यह भी है कि करीब डेढ़ लाख सदस्य मतदान से बाहर रहेंगे। इनके नाम नई सूची में जोड़े गए थे, लेकिन इन्हें इस चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा। इस फैसले से चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे।
प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि ये समितियां किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। अब देखना होगा कि नए चुनावी कार्यक्रम के तहत मतदान प्रक्रिया कितनी सुचारू रूप से संपन्न होती है।


